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एशिया का पहला एसबीटीएफ भारतीय नौसेना में शामिल

एशिया का पहला एसबीटीएफ भारतीय नौसेना में शामिल

भारतीय नौसेना में तट आधारित परीक्षण सुविधा (एसबीटीएफ) को शामिल करने के साथ ही भारत उन गिने चुने देशों के समूह में आ गया जिनके पास यह सुविधा है।

नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि यहां नौसेना के आईएनएस हंस में शामिल की गई यह सुविधा अब तक केवल अमेरिका और यूक्रेन के पास ही थी। उन्होंने बताया कि एसबीटीएफ का प्राथमिक तौर पर उपयोग विमानवाहक पोतों से उड़ान भरने वाले, नौसेना के विमानों की प्रायोगिक उड़ानों के लिए होता है।

नौसेना के एलसीए के प्रायोगिक परीक्षण के लिए यह एसबीटीएफ ऐसे समय पर शामिल की गई है जब भारतीय नौसेना के मिग29 के पायलटों के प्रशिक्षण का भी समय है। ये मिग29 के पायलट हाल ही में प्राप्त विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य से काम शुरू करने के लिए तैयार हैं।

भारतीय नौसेना की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि एसबीटीएफ के दो भाग हैं। स्की जम्प की सुविधा के साथ एक टेक ऑफ एरिया और एक लैंडिंग एरिया है। ये दोनों ही आईएनएस विक्रमादित्य की प्रतिकृति हैं।

यह कोच्चि में तैयार किए जा रहे भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत विक्रांत पर भी बनाई जा रही है। इसके साथ ही नौसेना पोतों पर विमानों की लैंडिंग के नए दौर में पहुंच गई है।

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