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गुंडा बोल दो, बैड मैन नहीं

गुंडा बोल दो, बैड मैन नहीं

कुछ महीने पहले की बात है। एक खास मुलाकात में अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने दावा किया कि उनके जैसा ‘बैड मैन’ कोई नहीं है। उनका कहना था कि ‘बैड मैन’ छवि वाले किरदार जितने उन पर फबते रहे हैं और वह जिस खूबी से उन्हें निभाते रहे हैं, आज ऐसे किरदारों पर मेहनत नहीं की जाती। देखा जाए तो गुलशन ग्रोवर की बात में दम तो नजर आता है। पर सच ये भी है कि पिछले कुछ समय में ‘बैड मैन’ के टेस्ट में बदलाव आया है। अब ‘बैड मैन’ कॉमेडी भी कर रहा है और लीड रोल भी। इस ‘बैड मैन’ में एक ग्रे शेड दिखाई देने लगा है, जिसे आजकल के नए मुंडे बडे़ अच्छे से कैरी करने लगे हैं और दर्शक भी उसे हाथों-हाथ ले रहे हैं।

करीब दो साल पहले आई यशराज बैनर की फिल्म ‘इशकजादे’ में नए कलाकार अर्जुन कपूर की भूमिका पर नजर डालिये। कहने को तो ‘इशकजादे’ का परमा (अर्जुन कपूर) एक राजनीतिज्ञ कुनबे का रौशन चिराग है, लेकिन अगर उसकी कारगुजारियों पर नजर डालें तो काम सारे वो गुंडों वाले करता है। इस फिल्म में अपने पहले ही सीन में वो तमंचे की नोंक पर डीजल लूटता है और फिर गोलियों की बौछारों के बीच एक नाचने-गाने वाली का अपहरण कर लेता है। और भी बहुत कुछ करता है, लेकिन आप कितना ही कहें ये किरदार ‘बैड मैन’ नहीं कहलाता।

तमाम खराबियां होने के बावजूद इसे ग्रे शेड वाला किरदार कहा जाता है। अपनी दूसरी फिल्म ‘औरंगजेब’ में भी अर्जुन कपूर ने कुछ ऐसा ही किरदार निभाया। ये बात दीगर है कि इस फिल्म में भी उन्हें नोटिस तो खूब किया गया, लेकिन फिल्म औसत ही रही।

अब यही अर्जुन कपूर एक बार फिर से फिल्म ‘गुंडे’ में बैड मैन बन कर आ रहे हैं। उनके साथ दूसरे बैड मैन हैं रनवीर सिंह, जो इससे पहले फिल्म ‘लुटेरा’ में बैड मैन का किरदार निभा चुके हैं। लेकिन इन दोनों ही कलाकारों का मानना है कि फिल्म ‘गुंडे’ में इन दोनों के किरदार बिक्रम और बाला बैड मैन की श्रेणी के नहीं हैं। इस साल और भी कई ऐसे सितारे हैं, जिन्हें बुरा आदमी बनने का शौक चर्राया है। इनमें नवाजुद्दीन सिद्दिकी, अमोल गुप्ते, रणदीप हुड्डा और सुशांत सिंह जैसे कलाकार भी हैं। उनके बारे में भी बात करेंगे, लेकिन सबसे पहले नजर डालते हैं साल के सबसे पहले नजर आने वाले गुंडों पर, जो खुद को गुंडा मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं। हां, अगर उनको यंग एंग्री बैड मैन कहा जाए तो वह फूले नहीं समाते।

जिन लोगों ने भी फिल्म ‘गुंडे’ का ट्रेलर देखा होगा, उन्हें एक बात तो समझ आ ही गयी होगी कि बिक्रम और बाला, जो कि इस फिल्म के मुख्य किरदार हैं, कोई शरीफ पंटर तो हैं नहीं। और जिनके आगे या पीछे पंटर लग जाए, वो शरीफ कैसे हो सकते हैं। ये दोनों फिल्म में कोयला चुराते हैं, चोरी की गाडियों में घूमते हैं, पुलिस की आंख का कांटा बन चुके हैं वगैरह वगैरह। पर ये मानने को कतई तैयार नहीं हैं कि ये बैड मैन हैं। इस बारे में अभिनेता अर्जुन कपूर कहते हैं, ‘देखिये, बिक्रम और बाला के किरदार बेहद प्यारे से किरदार हैं। वे बेशक चोरी करते हैं, हंगामा करते हैं, लेकिन उन्हें बैड मैन कहना गलत होगा। हर इंसान में कुछ अच्छी और बुरी आदतें होती हैं। हम दोनों में भी हैं। पर हम बुरे इंसान नहीं हैं। हां, आप कह सकते हैं कि हमारे इस किरदार में ग्रे शेड है, जो फिल्म की कहानी और विषय वस्तु के साथ अदलता-बदलता रहता है।’

लेकिन जब फिल्म का टाइटल ही ‘गुंडे’ हो तो आप इसके नायकों से राम बनने की उम्मीद तो नहीं कर सकते ना! बैड मैन न सही, पर क्या फिल्म का टाइटल ‘गुंडे’ एक नेगेटिव टाइटल नहीं है। इस पर फिर से अर्जुन कपूर कहते हैं, ‘जी नहीं, मैं नहीं मानता कि फिल्म का टाइटल नेगेटिव है। जब आप फिल्म देखेंगे तो पता चलेगा कि गुंडे होने के बावजूद इन किरदारों में उस तरह के अवगुण नहीं हैं, जिनके लिए बैड मैन का नाम लिया जाता है।’

अर्जुन और रनवीर के बाद इंडस्ट्री के एक अन्य होनहार कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दिकी भी अब एक नेगेटिव किरदार निभाने जा रहे हैं।

निर्माता-निर्देशक साजिद नाडियाडवाला की फिल्म ‘किक’ में नवाज बैड मैन बनेंगे, जिसमें सलमान खान की मुख्य भूमिका है। यहां ये बताते चलें कि पिछले दिनों खबर ये भी आयी थी कि इस फिल्म में अब नवाज नहीं हैं। हालांकि इस बारे में साजिद की तरफ से कोई कमेंट नहीं आया था। फिर भी अगर सब ठीक रहा तो लोग नवाज को सलमान के सामने विलेन के रूप में देख सकेंगे। बीते दो-तीन सालों में नवाजुद्दीन ने दर्शकों का अच्छा ध्यानाकर्षित किया है। इसकी वजह यही है कि उन्होंने अपने रोल्स में वैरायटी बनाए रखी है। लेकिन एक मसाला फिल्म में विलेन का किरदार निभाते हुए देखना और भी रोमांचकारी होगा। उधर, फिल्म हाईवे में रणदीप हुड्डा भी बैड मैन बने हैं। हालांकि उनके किरदार को भी ग्रे शेड वाला किरदार कहा जा रहा है।
रणदीप अपने इस किरदार के बारे में कहते हैं, ‘मेरे तो पॉजिटिव किरदारों को भी बैड मैन की छवि से सराबोर कर दिया जाता है। कभी-कभी मुझे लगता है कि मेरे सारे किरदार ही बैड मैन वाले हैं, इसलिए मैंने अब इस तरफ सोचना भी बंद कर दिया है। हां, वैसे मैं बता दूं कि फिल्म हाईवे में मेरे किरदार में आपको बैड मैन के साथ-साथ अन्य कई शेड भी देखने को मिलेंगे।’

निर्देशक से अभिनेता बने अमोल गुप्ते भी एक बार फिर से बैड मैन बनने जा रहे हैं। फिल्म ‘कमीने’ के बाद वह फिल्म ‘सिंघम 2’ में अजय देवगन के सामने होंगे। कहा जा रहा है कि अमोल ने इस रोल के लिए काफी तैयारी की है। 

ओ री वुमनिया
जब गुंडों की बात चली है तो क्यों न बैड वुमनिया का जिक्र भी कर लिया जाए। फिल्म ‘गुलाबी गैंग’ में लोगों को एक नहीं, दो-दो ग्रे शेड वाले किरदार देखने को मिलेंगे, जिनके बीच हाथ-पैर की जंग कम होगी, शब्दों के तीर ज्यादा चलते दिखेंगे। ‘गुलाबी गैंग’ में माधुरी दीक्षित और जूही चावला के बीच इस बात की टक्कर रहेगी कि बुरे बनने की दौड़ में कौन किससे आगे है।

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