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निबंधन कार्यालयों में प्री रजिस्ट्री सिस्टम लागू

रांची। सुधीर। राज्य के निबंधन कार्यालयों में प्री रजिस्ट्री सिस्टम लागू होने से लोगों को जमीन की रजिस्ट्री के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से निजात मिलने लगी है। यही नहीं शादी की रजिस्ट्री करानी हो या फिर किसी को अपनी जायदाद की पॉवर ऑफ अटार्नी सौंपनी हो, ये सब कार्य अब ऑनलाइन होने लगे हैं। हालांकि रजिस्ट्री फीस और स्टांप डय़ूटी जमा करने के लिए लोगों को निबंधन कार्यालय जाना पड़ रहा है।

लेकिन, एक अप्रैल से यह व्यवस्था भी बदल जाएगी। रजिस्ट्री कार्यालय में फीस का लेनदेन नहीं होगा। ऑनलाइन भुगतान के बाद नबिंधन कार्यालयों में पेपर जमा करने, फोटो खिंचाने और अंगूठे का निशान देने के साथ रजिस्ट्री कागजात सौंप दिए जाएंगे।

नई व्यवस्था में नबिंधन कार्यालयों के कैश काउंटर बंद कर दिए जाएंगे। इ-स्टांपिंग के साथ इ-फीस की भी व्यवस्था की गई है। क्या है प्री रजिस्ट्री सिस्टमप्री रजिस्ट्री सिस्टम के तहत कोई भी क्रेता-विक्रेता संपत्ति का ब्योरा घर बैठे कंप्यूटर में डाल सकता है।

ऑनलाइन भुगतान कर सकता है। कंप्यूटर में डेटा इंट्री के साथ ही एक आइडी जेनरेट होगी। इसी आईडी को रजिस्ट्री कार्यालय में देना होगा। क्रेता-विक्रेता और गवाह के फोटो खिंचाने के साथ ही जमीन की रजिस्ट्री पूर्ण हो जाएगी।

प्री रजिस्ट्री के तहत डीड में अब गलती की संभावना नहीं होगी। कोटराज्य के सभी नबिंधन कार्यालयों में प्री रजिस्ट्री सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत अब निबंधन कार्यालय के बाहर भी डाटा इंट्री कराकर रजिस्ट्री कराई जा सकती है।

एक अप्रैल से कैशलेश रजिस्ट्री का भी प्रस्ताव है। निबंधन कार्यालयों में कैश का कोई काम नहीं होगा। -सतेंद्र सिंह, नबिंधन सचवि, झारखंड।

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