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गैस-डीजल पर सब्सिडी, शौचालय में कटौती : डॉ. जो मडिथ

जमशेदपुर संवाददाता। केंद्र सरकार घरेलू एलपीजी गैस, डीजल पर सब्सिडी दे रही है, लेकिन शौचालय निर्माण में बीपीएल, एपीएल का पेंच लगाती है। अदूरदर्शी नीतियों के कारण आज भी देश के कई राज्यों में लोग खुले में शौच करते हैं। यह कहना है केंद्रीय योजना आयोग के स्वच्छता मामले के विशेषज्ञ सदस्य रहे डॉ. जो मडिथ का।

एक्सएलआरआई में चल रहे कॉन्फ्रेंस में भाग लेने आए डॉ. जो मडिथ ने परिचर्चा में कहा कि आज भी शौचालय जैसी मौलिक जरूरत गांव में हर परिवार के पास नहीं है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश में शौचालय लगभग 15 से 20 प्रतिशत परिवारों के पास ही है। जबकि केरला में लगभग 90 प्रतिशत परिवार शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। इस दौरान परिचर्चा में तमारिंड ट्री की को-फाउंडर मिशेल चावला, जस्ट चेंज इंडिया के स्टॉन ठेकेकरा ने भी विचार रखे।

शौचालय के अभाव में बीमारू है मध्य और पूवरेतर राज्यडॉ. जो मडिथ का कहना है कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल बीमारू राज्य की श्रेणी में हैं। यहां मलमूत्र का जहां-तहां लोग त्याग करते हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है और लोग बीमार पड़ते हैं।

लेकिन इस पर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। ग्राम विकास ने दिखाई राह डॉ. जो मडिथ ने कहा कि उनके एनजीओ ग्राम विकास ने ओडिशा, आंध्रप्रदेश के 1,630 गांवों में शौचालय का निर्माण करवाया, जो इन गांवों की हालत को औरों से अलग दिखाता है।

इन्होंने भी रखे विचार - प्रेमा गोपालन, एग्जीक्यूटवि निदेशक, स्वयं शिक्षण संस्थान - उमादेवी स्वामीनाथन, एमडी, रूडी मल्टी ट्रेडिंग कंपनी - प्रबलीन सभाने, प्रमुख, कॉर्प कॉम एंड पब्लिक अफेयर्स।

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