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निकायों के विकास का मामला 4 माह टला

नगर विकास एवं आवास विभाग में अभियंत्रण कोषांग की स्थापना में देरी होने से निकायों के विकास का मामला अगले चार महीने के लिए टल गया है। मुख्यमंत्री समेकित शहरी विकास योजना के तहत अभियंत्रण कोषांग हर निकायों की विकास योजनाओं का डीपीआर बनायेगा। तभी उन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकेगा। पर सरकार की स्वीकृति के एक महीना बीत जाने के बावजूद अब तक अभियंत्रण कोषांग के गठन का मामला साफ नहीं हो पाया है। सरकार ने नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए अभियंत्रण कोषांग के तहत अभियंताओं के पद का सृजन कर दिया है।ड्ढr ड्ढr कोषांग में एक मुख्य अभियंता, 3 अधीक्षण अभियंता, 55 कार्यपालक अभियंता, 70 सहायक अभियंता एवं 201 कनीय अभियंताओं की नियुक्ित होनी है। कोषांग के लिए पथ निर्माण विभाग अभियंताओं की सेवा नगर विकास एवं आवास विभाग में उपलब्ध करायेगा। इस व्यवस्था में देरी होने पर संविदा के आधार पर सेवानिवृत अभियंताओं की तैनाती का भी प्रस्ताव है। हर जिला में एक कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता तैनात होने हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यालय स्तर पर एक़ मुख्य और दो अधीक्षण अभियंता के साथ ही पांच कार्यपालक अभियंताओं की तैनाती की जानी है।ड्ढr ड्ढr नगर विकास एवं आवास के अधिकारियों की मानें तो कोषांग गठन में देरी से सड़क एवं नाला निर्माण की बड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन अक्तूबर तक टलने की संभावना है। नियमों के मुताबिक मुख्यमंत्री समेकित शहरी विकास योजना के तहत कर्णाकित राशि का 75 प्रतिशत राशि सिर्फ सड़क एवं नाला पर ही खर्च की जानी है। इससे बची राशि ही पार्क, पोखर, जलाशय समेत अन्य शहरी सौन्दर्यीकरण योजनाओं में खर्च की जा सकती है। पर बरसात शुरू हो जाने से सड़क एवं नाला निर्माण की योजनाओं पर अगले चार महीने के लिए लगाम लग गयी है।ं

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