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सिलिंडरों की संख्या बढ़ने से महिलाओं को राहत

पटना। कार्यालय संवाददाता। सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर की संख्या में बढ़ोतरी की घोषणाओं ने महिलाओं को राहत दी है। बातचीत के दौरान महिलाओं ने कहा कि एक साल में नौ सिलिंडर से काम चलाना असंभव था। कम से कम दो से तीन सिलिंडर अधिक लेना पड़ता। यह महंगा पड़ता।

सरकार ने सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या बढ़ाकर बोझ को थोड़ा कम कर दिया है। महिलाओं में खुशीपरिवार बड़ा होने के कारण एक महीने में एक सिलिंडर लग जाता है। सब्सिडी के सिर्फ नौ सिलेंडर मिलने से काम नहीं चलता।

तीन सिलिंडर अधिक खरीदने ही पड़ते। यह घर की बजट पर भारी पड़ता। संख्या बढ़ाने से आराम मिलेगा। पूनम देवी, गृहिणीसब्सिडी वाले नौ सिलिंडरों की घोषणा के बाद कम खर्च करने के बावजूद एक सिलिंडर में महीना नहीं चलता है।

संख्या बढ़ने का सबसे अधिक फायदा मध्यम वर्ग के परिवार को हुआ है। ब्लैक में चार सिलिंडर खरीदना बहुत मुश्किल होता। अर्चना, गृहिणी परिवार में अधिक लोगों का खाना बनने से गैस भी अधिक खर्च होता है। नौ सिलिंडरों में पूरा साल गुजारना असंभव था।

सरकार ने सिलिंडरों की संख्या बढ़ा कर आम जनता के हित में काम किया है। इससे हमारा काफी पैसा बचेगा। निर्मला मल्लिक, गृहिणी सब्सिडी वाले नौ सिलिंडर रहने से कम से कम चार ब्लैक में खरीदना पड़ता। यह मध्यम वर्गीय परिवार के लिए किसी बोझ से कम नहीं होता है। सिलिंडरों की संख्या बढ़ने से बजट थोड़ा बैलेंस होगा। एक या दो सिलेंडर ही खरीदना पड़ेगा। प्रभा झा, गृहिणी।

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