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बीएचयू शाखा खोलने को तैयार, राज्य के प्रस्ताव का इंतजार

पटना। किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की शाखा का शिलान्यास होने के बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की शाखा खोलने की भी कवायद शुरू हो गई है। बीएचयू भी बिहार में शाखा खोलने को तैयार है। विवि के वीसी डॉ. लालजी सिंह अगले माह इस संदर्भ में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों से बात करेंगे।

उन्होंने बताया कि यदि बिहार सरकार मंत्रालय को शाखा खोलने के लिए प्रस्ताव भेजे तो बीएचयू इस दिशा में तुरंत पहल करेगा। 2012 में भाजपा विधायक ने की थी मांग05 अप्रैल, 2012 को बिहार विधान सभा में भाजपा विधायक अवनीश कुमार सिंह ने मोतिहारी में बीएचयू की शाखा स्थापित करने का सवाल उठाया था। जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि यदि बीएचयू पहल करे तो राज्य सरकार कदम उठाएगी। बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

किशनगंज में एएमयू की शाखा के शिलान्यास के बाद फिर से बीएचयू की शाखा खोलने संबंधित कवायद तेज हो गई है। विधायक अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि इस दिशा में राज्य सरकार को पहल करनी चाहिए, क्योंकि यह जनता और छात्र-छात्राओं के हित में है। वे विधानसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे को फिर उठाएंगे। बयान मैं चाहता हूं कि बिहार में बीएचयू की शाखा खुले। यह राज्य सरकार को तय करना है कि कितनी जल्दी जमीन उपलब्ध कराती है।

राज्य सरकार प्रस्ताव भेजे तो जल्द इस दिशा में पहल शुरू कर देंगे। बिहार में बीएचयू की शाखा खुलने से वहां के छात्र-छात्राओं को काफी लाभ होगा। - डॉ. लालजी सिंह, कुलपति, बीएचयू बिहार में क्यों शाखा खोलना चाहता है बीएचयूबीएचयू में 34 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इसमें 34 प्रतिशत बिहार के हैं। बीएचयू द्वारा प्रजनित धान, गेहूं, मक्का, चना, अरहर आदि की उन्नत प्रजाति के बीज बिहार के किसान खरीदते हैं। बिहार में कोई शाखा नहीं होने के कारण बीएचयू शोध के उद्देश्य से किसानों को बीज मुफ्त में नहीं दे पाता है।

इसके अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल में प्रतिदिन छह हजार मरीज जाते हैं, जिसमें 55 प्रतिशत बिहार के होते हैं। विवि बिहार में शाखा खोलकर लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करना चाहता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय एक नजर मेंविश्वविद्यालय में तीन संस्थान, 16 संकाय और 144 विभाग हैं। वाराणसी स्थित मुख्य परिसर 1300 एकड़ में है जिसमें चिकित्सा विज्ञान संस्थान, कृषि विज्ञान संस्थान, आईआईटी समेत कई विभाग परिसर में ही हैं। इसी परिसर में साइबर लाइब्रेरी स्थापित की गई है जिसमें छात्र- छात्राओं को चौबीस घंटे पढ़ने की सुविधा है।

मिर्जापुर के बरकछा में 2760 एकड़ में विवि का दूसरा परिसर है, जिसे मुख्य परिसर की तरह विकसित किया जा रहा है। हाल ही में यहां एम्स बनाने की कवायद शुरू हुई है। 2012 में महाराष्ट्र केअमरावती में 200 एकड़ भूमि पर बीएचयू की शाखा का भवन बनाया जा रहा है। 2013 में विश्वविद्यालय ने रायबरेली में महिला महाविद्यालय खोलने का काम शुरू किया। कोटजिस तरह से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने बिहार में शाखा खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा था।

उसी प्रकार बीएचयू को भी भेजना चाहिए। हम चाहते हैं बिहार में बीएचयू अपनी शाखा खोले। विश्वविद्यालय प्रशासन को यहां हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। -पीके शाही, मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, बिहार।

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