DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एसएसपी का दावा फेल, नहीं पकड़े गए हमलावर

भागलपुर, वरीय संवाददाता। पेट्रोल पंप मैनेजर जयकिशन शर्मा के हत्यारे को पुलिस पांच दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। बुधवार रात एसएसपी ने दावा किया था कि घटना में शामिल तीन हत्यारों की नाम-पता के साथ पहचान कर ली गई और 48 घंटे के अंदर सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लेकिन समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अंधेर में तीर चला रही है। शुक्रवार को नगर डीएसपी और कोतवाली इंस्पेक्टर ने घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए अलग-अलग जांच की। पकड़े गए तीनों संदिग्ध मो. अमजद, टेम्पूल यादव और मो. वशीर उर्फ मो. बशर अंसारी को पूछताछ के बाद पीआर बांड पर छोड़ दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज देखकर बुधवार की रात पुलिस टीम ने नाथनगर से मो. बशर अंसारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। सीसीटीवी फुटेज से बशर के चेहरे और कद का मिलान किया गया लेकिन पुलिस संतुष्ट नहीं हुई।

पूछताछ में बशर ने कहा कि सुल्तानगंज के शराब व्यवसायी बबलू राजहंस और मधुसूदनपुर के बालूघाट के मुंशी सनतल यादव हत्याकांड में मुझे फंसा दिया गया था। दोनों मामले में जेल से वह जमानत पर छूटकर आए हैं। पेट्रोल पंप मैनेजर हत्याकांड की कोई जानकारी नहीं है।

वह नाथनगर में लूम चलाता है। पूछताछ में पुलिस टीम को कोई सुराग नहीं मिलने पर शुक्रवार को छोड़ दिया गया। वहीं घटना के दूसरे दिन पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए रिकाबगंज के मो. अमजद अंसारी और उर्दू बाजार के टेम्पुल यादव को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।

पुलिस टीम ने दोनों के मोबाइल का कॉल डिटेल निकालकर जांच की लेकिन कॉल डिटेल में किसी अपराधी या संदिग्ध लोगों से बातचीत का प्रमाण नहीं मिला। पुलिस टीम का कहना है कि तीनों लोग आपराधिक छवि का है और जरुरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

शुक्रवार की दोपहर नगर डीएसपी वीणा कुमारी जयकशिन शर्मा के घर पहुंची और स्व. शर्मा की पत्नी कुसुम शर्मा और तीनों पुत्रों से घटना की जानकारी ली। कुसुम शर्मा ने डीएसपी को बताया कि घटना कैसे हुई है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पति से किसी का कोई विवाद नहीं था। हत्यारे कोई भी हो पुलिस उसे गिरफ्तार करें। पति के श्राद्ध तक अगर हत्यारे नहीं पकड़े गए तो वह परिवार के साथ अनशन पर बैठ जाएंगी। एक निर्दोष व्यक्ति की अपराधियों ने हत्या कर दी है। वहीं कोतवाली इंस्पेक्टर व हत्याकांड के जांचकर्ता जगदानंद ठाकुर भी शुक्रवार को जमीन विवाद की जांच करने छेदी शर्मा के घर पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि सूरज शर्मा की पत्नी के नाम पर दो कट्ठा जमीन रजिस्ट्री कर दी गई है और शेष दो कट्ठे का भी एग्रीमेंट कर दिया गया है।

सूरज के पास बकाया रुपए दिलाने के लिए उसने पप्पू साह से मदद ली थी। सूरज से कहा था कि बकाया रुपए नहीं देने पर पप्पू साह के नाम पर जमीन एग्रीमेंट कर दिया जाएगा। इसपर सूरज ने पप्पू साह को नोटिस क र दिया था।

घरेलू जमीन का चाचा कमला प्रसाद शर्मा व गोपी राम शर्मा द्वारा हिस्सा नहीं देने पर अपने हिस्से की जमीन पप्पू साह के नाम पर एग्रीमेंट कर दिया गया है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने जमीन विवाद के संबंध में मोबाइल पर पप्पू साह से भी बातचीत की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एसएसपी का दावा फेल, नहीं पकड़े गए हमलावर