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राष्ट्र सेवा दल का ऐतिहासिक महत्व: दास

पूर्व मुख्यमंत्री रामसुंदर दास ने कहा कि राष्ट्र सेवा दल का ऐतिहासिक महत्व है। समतामूलक समाज की स्थापना करना ही इसका मूल उद्येश्य है। यह सामाजिक संगठन है जो धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था व समाजवाद में विश्वास रखता है। रविवार को विधायक क्लब में आयोजित राष्ट्र सेवा दल के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री दास ने कहा कि राष्ट्र सेवा दल 1से लेकर आज तक सामाजिक कार्य में लगा रहा है। लेकिन आज समाज में विषमता अधिक है।ड्ढr इस विषमता को राष्ट्र सेवा दल जैसा संगठन ही दूर कर सकता है। समाज में शिक्षा का प्र चार-प्रसार अधिक हो ताकि सामाजिक चेतना जगे। अगर समाज में कटुता रहगी तो लोकतंत्र खतर में पड़ जाएगा। इसलिए समाज में भाईचार की भावना पैदा करके ही समरसता लाई जा सकती है।ड्ढr ड्ढr गांधी संग्रहालय के रजी अहमद ने कहा कि आजादी के 60 साल बाद ही गरीबों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। लोग गांवों को छोड़कर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। काम की खोज में मजदूर दूसर राज्यों की ओर भाग रहे हैं। आज देश में सेवा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। परीट गुरुजी ने कहा कि राष्ट्र सेवा दल का मूल उद्येश्य देश जोड़ो है। यह संगठन भारत छोड़ो आंदोलन में भी बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेकर नौजवानों को प्ररित किया था। सम्मेलन में रामदेव सिंह यादव, प्रो. रामविनोद सिंह, भवेशचन्द्र, सोमनाथ त्रिपाठी, इंदिरा रमण उपाध्याय, सच्चिदानंद सिंह, डा. विजय कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व मुख्यमंत्री रामसुंदर दास ने परीट गुरुजी, भरत लाटकर, श्रीचन्द्र पाई गुड्डे, गजानन कामले शॉल देकर को सम्मानित किया। रजी अहमद ने सेवा दल के परीट गुरुजी अभ्यास व प्रयास विशेषांक का विमोचन किया। सम्मेलन में परड का संचालन मिथिलेश व झंडोतोलन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत लाटकर ने किया। इस अवसर पर अनेक राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक प्रस्ताव पारित किए गए।

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