अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राज्य के 12 जिलों में उच्च शिक्षा बदहाल

झारखंड के 12 जिलों में उच्च शिक्षा का हाल बेहाल है। इन जिलों में राष्ट्रीय औसत से भी कम छात्र कॉलेज जाते हैं। यूजीसी ने देश के 370 ऐसे जिलों को चिह्न्ति किया है, जहां कि स्थिति बदहाल है। सरकार का मानना है कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के एक लाख की जनसंख्या पर कम से कम 12 कॉलेज होने चाहिए। झारखंड की स्थिति की जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पत्र लिखकर सीएम मधु कोड़ा को दी है।ड्ढr यूजीसी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रालय ने 11वीं पंचवर्षीय येाजना के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत ऐसे जिलों में नये कॉलेज खोलने के लिए केंद्र सरकार भी पैसे देगी। योजना आयोग ने भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार कॉलेज खोलने के लिए 2.67 करोड़ या खर्च की एक तिहाई राशि देगी। शेष दो तिहाई राशि राज्य सरकार को देनी होगी। राज्य सरकार को कॉलेज खोलने के लिए जमीन तथा इसके रखरखाव का खर्च भी वहन करना होगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार चाहे तो निजी क्षेत्र से सहयोग ले सकती है। बशर्ते वह लाभ कमाने के लिए न हो। राज्य के 12 जिलों में चतरा, देवघर, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, कोडरमा, पाकुड़, पलामू, प सिंहभूम एवं साहेबगंज शामिल हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस पर इस योजना की घोषणा की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राज्य के 12 जिलों में उच्च शिक्षा बदहाल