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सावन से पहले बनेगा गार्डवाल

डिप्टी मेयर अजयनाथ शाहदेव ने कहा है कि पहाड़ी मंदिर के पास चट्टानों में गार्डवाल लगाया जायेगा। आपदा राहत कोष से गार्डवाल का निर्माण कराया जायेगा। पहाड़ी मंदिर में आयोजित होने वाला सावन मेले से पूर्व गार्डवाल का निर्माण कर लिया जायेगा।ड्ढr यह बातें उन्होंने सोमवार को पहाड़ी मंदिर के निरीक्षण के क्रम में कही। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्य मंदिर के पास चट्टान के नीचे की मिट्टी खिसक रही है। उनके साथ पहाड़ी मंदिर विकास समिति के सदस्य भी थे।ड्ढr उन्होंने वहां की स्थिति की जानकारी उपायुक्त अविनाश कुमार को भी दी गयी है। डीसी ने वहां कार्यपालक अभियंता बृज किशोर राम को भेजकर जांच करायी। इस क्रम में समिति के सदस्यों के अवाला पार्षद नकुल तिर्की, ओम प्रकाश, सुरंद्र नायक, कृष्ण मोहन सिंह, प्रदीप कुमार, निगम के कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे।ड्ढr सुबोधकांत ने की पहलड्ढr केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने डीसी से कहा है कि पहाड़ी मंदिर की जमीन खिसक रही है। इसे बचाने के लिए आवश्यक कदम उठायें। उन्होंने कहा कि मंदिर के ऊपर संचार टावर बनाया जा रहा है, जिससे नीचे की जमीन खिसक रही है। इसके लिए उन्होंने अभियंताओं को जिम्मेवार ठहराया है।ड्ढr रांची। डिप्टी मेयर अजयनाथ शाहदेव ने वार्ड 17 और वार्ड 30 का निरीक्षण किया। इस क्रम में वहां के पार्षद भी उपस्थित थे। वार्ड 17 के निरीक्षण के क्रम में वह गुदड़ी, आजाद बस्ती, इस्लाम नगर, कांटाटोली के लोगों से मिलकर वहां की समस्याओं से अवगत हुए। लोगों ने बताया कि यहां की स्थिति नरकीय है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जायेगा। मौके पर वार्ड पार्षद मो सलाउद्दीन भी उपस्थित थे। वार्ड 30 का दौरा कर वहां की समस्याओं की जानकारी ली। मौके पर वहां के पार्षद ओम प्रकाश गुप्ता भी उपस्थित थे। जल्द उपाय नहीं हुआ तो हो सकती है बड़ी दुर्घटनासंवाददाता रांची पहाड़ी मंदिर की पश्चिम दिशा में दीवार ढहन के बाद अब निर्माणाधीन वायरलेस टावर की बारी है।ड्ढr बारिश के पानी के साथ मिट्टी का कटाव भी जारी है और जल्द कोई उपाय नहीं हुआ, तो टावर भी गिर सकता है। दिवार गिरने के साथ मिट्टी हटने से टावर के करीब लगभग दस फीट की खाई बन गयी है, जो काफी खतरनाक है। श्रावणी मेले में रविवार की रात और सोमवार को मंदिर परिसर में काफी भीड़ होती है। सरकार द्वारा कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो यहां बड़ी दुर्घटना हो सकती है।ड्ढr दूसरी तरफी अगर चट्टान खिसक गयी, तो कई लोगों की जान भी जा सकती है। पहाड़ी मंदिर के पास सैकड़ों लोग बसे हुए हैं। कुछ तो पहाड़ी पर ही अपना घर बना चुके हैं और कुछ आसपास में।

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