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कृषि ऋण माफी पर तैयारी अंतिम चरण में

ृषि ऋण माफ करने की विभिन्न बैंकों द्वारा की जा रही तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। लिहाजा एक ठोस तस्वीर भी उभरने लगी है। व्यावसायिक बैंक अभी आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं लेकिन राज्य के ग्रामीण बैंकों ने जो हिसाब लगाया है उससे यह लगने लगा है कि लाभ पाने वालों में लघु और सीमांत किसानों की संख्या लगभग प्रतिशत से भी ज्यादा होगी। बहुत कम संख्या में बड़े किसान इससे लाभन्वित होंगे। सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार राज्य के गा्रामीण बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों के लगभग 650 करोड़ रुपये माफ किये जायेंगे। हिसाब-किताब फाइनल होने पर राशि सात सौ करोड़ से ज्यादा होने की संभावना है। अब तक की सूची के अनुसार लगभग चार लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा जिसमें पौने चार लाख लघु और सीमांत किसान होंगे। भूमि विकास बैंक लगभग 85 करोड ऋण माफी की घोषणा पहले ही कर चुका है। जानकारी के अनुसार सहकारिता बैंकों का काम थोड़ा धीमा चल रहा है। लेकिन इन बैंकों के अधिकारी भी समय पर लाभुकों की सूची पेश कर देने का दावा करते हैँ।ड्ढr ड्ढr नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक संदीप घोष ने बताया कि ग्रामीण बैंकों ने रविवार तक 0 प्रतिशत काम पूरा कर लिया था। उक्त बैंक की 1466 शाखाओं में 1105 की फाइनल सूची तैयार हो गई है। 145 शाखाओं में दो तिहाई काम हो चुका है शेष ब्रांचों ने भी आधा से अधिक लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है। अबतक के आंकड़े के अनुसार किसानों के 638.70 करोड़ रुपये माफ किये जायेंगे। इससे 385262 किसानों को लाभ मिलेगा जिसमें 3702लघु और सीमांत किसान हैं। भूमि विकास बैंक ने जो 85 करोड़ रुपये माफ करने की घोषणा की है उससे लगभग साढ़े चौदह हाार किसान लाभन्वित होंगे। लोन लेने वाले किसानों के लिए नीति स्पष्टड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। केन्द्र सरकार की ऋण माफी की घोषणा को लेकर किसानों का भ्रम अब साफ होने लगा है। खासकर ट्रैक्टर, बकरी पालन और डेयरी के लिए ऋण लेने वाले किसानों के लिए भी नीति स्पष्ट कर दी गई है। रिार्व बैंक द्वारा भेजे गये दिशा-निर्देश के मुताबिक शर्त पूरी करने वाले वैसे सभी किसान इससे लाभन्वित होंगे जिन्होंने कृषि कार्य के लिए ऋण लिया है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक संदीप घोष ने बताया कि केन्द्र की यह घोषणा किसानों को लाभ देने के लिए है न कि व्यावसायियों के लिए। जाहिर है व्यावसायिक कार्य के लिए ट्रैक्टर लोन लेने वाले लाभ से वंचित हो जायेंगे। लेकिन शर्त पूरी करने वाले हर किसान को लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा की डेयरी के लिए लोन लेने वाला किसान लाभन्वित होगा लेकिन डेयरी प्रोडक्ट का कारोबार करने वाली कंपनियां इस दायर में नहीं आयेंगी। शर्तो के बार में प्राप्त निर्देश को भी उन्होंने स्पष्ट किया। उनके अनुसार ऋण माफी या राहत का हकदार वही किसान होगा जिसने 31 मार्च 1और 31 मार्च 2007 के बीच ऋण की निकासी कर ली हो। उक्त अवधि के लोन की वह किस्त जो 31 दिसंबर 2007 को ड्यू हो गयी और 2रवरी 2008 तक जमा नहीं की जा सकी माफी या रियायत के दायर में आयेगी। जिस किसान ने इसके पूर्व ड्यू किस्त की राशि जमा कर दी हो उसे उतनी राशि का लाभ नहीं मिलेगा।ं

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