DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

परीक्षार्थी एक-कापियां तीन

मध्यमा परीक्षा 2007 में हुए गोरखधंधे का सिलसिला इस वर्ष भी बरकरार रहा। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा 2008 में भी कई कारनामे किये गये। जिला स्कूल में मध्यमा परीक्षा 2008 की उत्तरपुस्तिका जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है। एक परीक्षार्थी के एक ही विषय की तीन-तीन कॉपी मिलने से परीक्षकों में सनसनी फैल गयी। हाल ही में निगरानी विभाग की कार्रवाई के डर से परीक्षकों ने कॉपी जांचने से अपना हाथ खींच लिया है। जिला स्कूल के प्राचार्य ने तत्काल इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ संस्कृत शिक्षा बोर्ड को दिया है।ड्ढr ड्ढr बोर्ड के निर्देश पर संदिग्ध परीक्षार्थियों की कॉपी जांच नहीं करने का निर्णय लिया गया है। वैसे सभी परीक्षार्थियों का क्रमांक नोट कर आगे की कार्रवाई के लिए संस्कृत शिक्षा बोर्ड को लिखा जा रहा है। उक्त सभी उत्तरपुस्तिका मधेपुरा जिला के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों के हैं। जिला स्कूल के मूल्याकंन कॉर्डिनेटर आलोक कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एक ही परीक्षार्थी के दो से तीन संदिग्ध उत्तरपुस्तिका मिल रही है। किसी कॉपी पर परीक्षा केन्द्र के वीक्षक का हस्ताक्षर है तो किसी पर सिर्फ उक्त परीक्षा केन्द्र का मोहर लगा है। कोई उत्तरपुस्तिका खाली है तो किसी में सभी प्रश्नों का हल किया गया है। परीक्षार्थियों की हस्तलिपि में भी अंतर है। उधर, कई उत्तर पुस्तिका संस्कृत शिक्षा बोर्ड के बजाय बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की भी मिली है। लिहाजा उक्त उत्तरपुस्तिका की भी जांच नहीं करने को कहा गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: परीक्षार्थी एक-कापियां तीन