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बीडीओ के हत्यारों में कोई परिचित भी !

शेखपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा के हत्यारों में उनका कोई पूर्व परिचित भी शामिल था! ऐसा परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है। घटनास्थल व वहां से मिले साक्ष्यों की जांच कर फोरंसिक विभाग की पांच सदस्यीय टीम सोमवार को पटना लौट आयी। यह टीम बुधवार को एफएसएल के निदेशक को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। इस टीम ने घटनास्थल से नमूना और साक्ष्य के रूप में क्या-क्या एकत्र किया है इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।ड्ढr ड्ढr इधर सोमवार को ही अत्याधुनिक उपकरणों के साथ फिंगर-प्रिंट विशेषज्ञों को शेखपुरा भेजा गया है। एक्सपर्ट घटनास्थल पर हत्यारों की छूटी नाइन एमएम के देसी पिस्टल से अंगुलियों का निशान उठाएंगे। बीडीओ का शव सोमवार की शाम औरंगाबाद के शाहपुरा रोड स्थित उनके पैतृक आवास पर लाया गया। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों ने यहां उनकी अंगुलियों व पंजे के निशान लिए। आवास पर औरंगाबाद के डीएम सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। शव आने की सूचना पर आस-पास के लोगों की भीड़ भी यहां जुट गयी। अधिकारियों ने उनके परिानों को सांत्वना दी। पटना में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक डा. श्याम बिहारी उपाध्याय ने बताया कि फिंगर प्रिंट ब्यूरो के निदेशक डी एन चौबे के निर्देशन में ब्यूरो के विशेषज्ञ आशुतोष कुमार व लखन लाल सिंह के साथ एक फोटो विशेषज्ञ को भी शेखपुरा भेजा गया है।ड्ढr ड्ढr ये एक्सपर्ट घटनास्थल पर हत्यारों के संभावित फिंगर और फूट-प्रिंट की भी खोज करंगे। इधर परिस्थितिजन साक्ष्य इस ओर इंगित कर रहा है कि बीडीओ के हत्यारों में कोई न कोई उनका पूर्व परिचित अवश्य रहा है। बीडीओ के ललाट पर बीचोबीच और शार्ट रां से जिस तरह गोली मारी गई वह निशाना कोई संयोग नहीं बल्कि यह जाहिर करता है कि उन्हें गोली चलाए जाने के अंतिम क्षण तक अपनी हत्या किए जाने का यकीन नहीं था।

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  • Web Title: बीडीओ के हत्यारों में कोई परिचित भी !