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नरगा की दुर्दशा देख सत्पथी को नींद नहीं आती

नरगा में कुछ महीने पहले झारखंड का नाम देश में गिना जा रहा था। अब स्थिति यह है कि कुछ जिलों के कारण छवि घूमिल हो रही है। इसका प्रभाव किसी पर पड़ा हो अथवा नहीं, लेकिन ग्रामीण विकास सचिव संतोष कुमार सत्पथी पर जरूर पड़ा है। श्री सत्पथी एक मेहनती अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। डीडीसी की बैठक में उन्होंने अपनी व्यथा यहां तक कह डाली कि वे पिछली 20 रातों से सो नहीं पाये है। उन्होंने कहा कि जिलों के कारण राज्य की जो साख गिरी है, उसे जिले ही सुधार सकते हैं। वे खुद आम आदमी की तरह डाल्टनगंज में गये हैं और नरगा के कार्यों को देखा, संतुष्टि नहीं मिली। नरगा में पारदर्शिता लाकर ही फिर से राज्य को उच्च श्रेणी में लाया जा सकता है। जरूरी है शत-प्रतिशत मजदूरी का भुगतान एकाउंट के माध्यम से हो। मस्टर रोल की जांच के काम को सही ढंग से करं। जिला स्तर पर चेक बैलेंस कराया जाये, ताकि गड़बड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई हो। सत्पथी ने कहा कि जितने भी आरोप मिल रहे हैं, उसकी जांच जल्द से जल्द करायी जाये और गलतियों को दुरूस्त किया जाये। बैठक में नौ जिलों के डीडीसी नहीं आये थे।

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