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पीली पीली सरसों फूली

ार की गति बहुत तेज है। हम हजरतपुर से दिल्ली की तरफ लौट रहे हैं। रास्ते में भीड़भाड़ भरा पड़ा है। आगरा सूरदास की जन्मस्थली रुनकता तक बढ़ आया है। कीटम भी पास में ही है। वर्षो पहले कीटम झील बहुत बड़ी होती थी। यह प्रवासी पक्षियों का बहुत खूबसूरत बसेरा थी। कुछ दिन पहले पढ़ा था कि कीटम अब सूख चुकी है। प्रवासी पक्षी भी अब इस तरफ का रुख नहीं करते। इन दिनों खेतों में दूर दूर तक ट्रैक्टर दिखायी देते हैं। बैलों से खेत जोतना अब गए जमाने की बात हो चुकी है। प्रेमचंद चाहें भी तो अब दो बैलों हीरा-मोती की कथा नहीं लिख सकते हैं। गेहूं के चोइल हरे पौधे अभी शिशु रूप में हैं। पहले उत्तरप्रदेश के खेतों में बाड़ लगाने का रिवाज नहीं था। मगर अब जगह-जगह खेतों में कंटीले तारों की बाड़ लगा दी गयी है। कहीं-कहीं तो ईंट या पत्थर की इतनी ऊंची बाउंड्री है कि दिखायी नहीं पड़ता कि बाउंड्री के पीछे खेत में क्या उगा है? लेकिन बहुत कुछ ऐसा भी है जो दिख रहा है। क्षितिज तक फैला यह पीलापन और आसमान में उड़ती काली चीलें लगता है किसी ने पीली चादरों में काले बेल बूटे टांक दिए हैं या पीले चंदोबों पर नजर के टीके लगे हुए हैं। सचमुच इस खूबसूरती को बिल्डरों की नजर नहीं लगनी चाहिए। कार की गति बहुत तेज है। हम हजरतपुर से दिल्ली की तरफ लौट रहे हैं। रास्ते में भीड़भाड़ भरा पड़ा है। आगरा सूरदास की जन्मस्थली रुनकता तक बढ़ आया है। कीटम भी पास में ही है। वर्षो पहले कीटम झील बहुत बड़ी होती थी। यह प्रवासी पक्षियों का बहुत खूबसूरत बसेरा थी। कुछ दिन पहले पढ़ा था कि कीटम अब सूख चुकी है। प्रवासी पक्षी भी अब इस तरफ का रुख नहीं करते। इन दिनों खेतों में दूर दूर तक ट्रैक्टर दिखायी देते हैं। बैलों से खेत जोतना अब गए जमाने की बात हो चुकी है। प्रेमचंद चाहें भी तो अब दो बैलों हीरा-मोती की कथा नहीं लिख सकते हैं। गेहूं के चोइल हरे पौधे अभी शिशु रूप में हैं। पहले उत्तरप्रदेश के खेतों में बाड़ लगाने का रिवाज नहीं था। मगर अब जगह-जगह खेतों में कंटीले तारों की बाड़ लगा दी गयी है। कहीं-कहीं तो ईंट या पत्थर की इतनी ऊंची बाउंड्री है कि दिखायी नहीं पड़ता कि बाउंड्री के पीछे खेत में क्या उगा है? लेकिन बहुत कुछ ऐसा भी है जो दिख रहा है। क्षितिज तक फैला यह पीलापन और आसमान में उड़ती काली चीलें लगता है किसी ने पीली चादरों में काले बेल बूटे टांक दिए हैं या पीले चंदोबों पर नजर के टीके लगे हुए हैं। सचमुच इस खूबसूरती को बिल्डरों की नजर नहीं लगनी चाहिए। ं

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