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वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस

झारखंड प्रदेश गोंड आदिवासी महासभा की ओर से गढ़ामंडला की महारानी वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया। मौके पर पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। महारानी दुर्गावती ने गढ़ामंडला में वर्ष 154से 1564 तक शासन किया था। उनके द्वारा चलाये गये सोने के सिक्के नागपुर और कोलकाता के संग्रहालयों में सुरक्षित रखे गये हैं। गोंडवाना शासन की रक्षा के लिए उन्होंने मुगलों से लोहा लिया और इसी क्रम में 24 जून 1564 को उन्होंने अपनी शहादत दी। महासभा के शाखा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दिलीप कुमार प्रधान, विश्वनाथ, चरण बेसरा, नीलेंद्र कुमार मांझी और देवनंदन प्रधान सहित कई लोग उपस्थित थे।ड्ढr एओएल का प्रशिक्षणड्ढr रांची। आर्ट ऑफ लीविंग के तत्वावधान में छह दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 24 जून को अपर बाजार स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में हुआ। उपस्थित लोगों को संस्था की उषा बुधिया और रौशन कुमार ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्राणायम, ध्यान, योगासन, सुदर्शन क्रिया आदि की कला बतायी गयी। गुरु रविशंकर के प्रवचन और संदेश पर भी चर्चा हुई। एक अन्य कार्यक्रम में लालपुर स्थित मंगलम अपार्टमेंट में बच्चों के लिए एक्सल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका निर्देशन सविता सिंह ने किया।ड्ढr आगमन 16 जुलाई कोड्ढr रांची। एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवाधाम ट्रस्ट के संस्थापक श्री सदानंद जी महाराज 16 जुलाई को रांची आयेंगे। यह जानकारी अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल ने दी।

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