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पाक के सामने सुरक्षा ही नहीं काला धन भी खतरा

पाकिस्तान इस समय सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय मोर्चे पर काले धन की जमाखोरी और आतंकवादियों के वित्तपोषण की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है...

 पाक के सामने सुरक्षा ही नहीं काला धन भी खतरा
लाइव हिन्दुस्तान टीमSun, 15 Mar 2009 01:00 PM
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पाकिस्तान इस समय सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय मोर्चे पर काले धन की जमाखोरी और आतंकवादियों के वित्तपोषण की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में मुद्रास्फीति की दर कम रखने और वित्तीय दबाव को टालने के लिए संबद्ध अधिकारियों ने ब्याज दर स्थिर रखने पर सहमति व्यक्त की है। आईएमएफ का मानना है कि पाकिस्तानी रूपया डालर के मुकाबले अभी भी असामान्य रूप से अधिक मूल्य पर चल रहा है। मुद्राकोष के मुताबिक कालेधन और आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम के लिए पाकिस्तान सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें काले धन की जमाखोरी को रोकने संबंधी विधेयक, आर्थिक क्षेत्र की निगरानी के लिए खुफिया तंत्र का गठन तथा आतंकवादियों के वित्तपोषण को आपराधिक कार्रवाई घोषित करने जैसे कई कदम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार अभी भी इस दिशा में काफी सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता हैं। आतंक वादी संगठनों के वित्तपोषण जैसे गंभीर अपराधों की अभी भी कानूनी स्थिति अस्पष्ट हैं। आतंकवादियों की संपत्तियों को भी जब्त करने का कानूनी तरीका संतोषजनक नहीं है। इन अपराधों से निपटने के लिए बनाए गए कानूनों का सही ढंग से उपयोग नहीं हो पाया है। आईएमएफ के अनुसार पाकिस्तान सरकार की मौद्रिक नीति ठीक नहीं है तथा इसे और लचीला बनाने की जरूरत है ताकि इससे जुड़े खतरों का ठीक से सामना किया जा सके। आईएमएफ के मुताबिक पाकिस्तानी रूपये का अवमूल्यन होने के बावजूद यह डॉलर के मुकाबले 2008 में 2007 के स्तर पर ही बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक मंदी की वजह से पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद में अनुमान के मुताबिक गिरावट आएगी। पाकिस्तान का सकल घरेलू उत्पाद अगले साल चार प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2013. 14 में सात प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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