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पन बिजली क्षेत्र में कार्यो सराहनां

देश के शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने पनबिजली के क्षेत्र में बिहार के कार्यो की जमकर सराहना की और कहा कि आने वाले समय में बिहार इस क्षेत्र में आगे जाने की क्षमता रखता है। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के तत्वाधान में एनआईटी पटना की ओर से ‘सस्टेनेबुल वाटर रिसोर्स डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट’ विषय पर शुरू किए गए कोर्स में देश के विभिन्न हिस्सों के तीन दर्जन प्राध्यापक बिहार के दौर पर हैं। मंगलवार को इन्होंने बीएचपीसी मुख्यालय में बिहार के पनबिजली प्रक्षेत्र की जानकारी ली।ड्ढr ड्ढr इसके पूर्व इस टीम ने बिहार के पनबिजलीघरों का स्थल निरीक्षण भी किया। इस क्रम में उनलोगों ने औरंगाबाद जिलान्तर्गत बारूण, तेजपुरा और अरवल जिलान्तर्गत बेलसार, अगनूर, बलिदाद में जल विद्युत इकाइयों का दौरा किया। बीएचपीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निगम के एमडी एल.पी. सिन्हा ने उन्हें बिहार की परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डी.एन.सिंह एसोसिएट ने सव्रेक्षण और शोध के बाद बिहार में पनबिजली के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया, जिसे केन्द्रीय अपारम्परिक ऊर्जा स्रेत मंत्रालय के साथ-साथ नाबार्ड ने भी स्वीकार किया है। उसी आधार पर बिहार में 17 स्थानों पर निर्माण के लिए सहायता दी है। बिहार में गत ढाई वर्षो में पांच पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण पूरा किया गया है जबकि आधे दर्जन से अधिक पर काम अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री की शह पर हुए हमलेड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शह पर राकांपा कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले हुए। सोमवार को एक ओर वे पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे थे, दूसरी ओर उनके लोग सड॥क पर हिंसा पर उतारु थे। मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस जंगलराज से मुक्त कराने का नारा देकर सत्ता तक पहुंचे, वैसा ही राज फिर से कायम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को जिस तरह से जदयू कार्यकर्ताओं ने सड़क पर हिंसक खेल खेला उससे लोकतंत्र शर्मशार हुआ है। उन्होंने इस घटना के विरोध में पूर राज्य में आंदोलन की घोषणा की और जदयू को तानाशाही प्रवृति से बाज आने की नसीहत दी। पार्टी ने 30 जून को पूर राज्य में ‘काला दिवस’ मनाने की घोषणा की। श्री कुशवाहा ने कहा कि सोमवार को जो घटना हुई राकांपा उसका उसी भाषा में जवाब देने में सक्षम है, लेकिन उसकी आस्था कानून-व्यवस्था में है। मुख्यमंत्री एक ओर ‘कानून अपना काम कर रहा है’ का जुमला रटते हैं दूसरी ओर उनकी पुलिस घटना के 24 घंटा बीत जाने के बाद भी सोई हुई है। नीतीश सरकार जन समस्याओं को पुलिस प्रशासन और लाठी के बूते दबाना चाहती है। कभी पत्रकारों पर हमले होते हैं तो कभी वकीलों पर और कभी महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस बर्बर बनकर टूट पड़ती है। पार्टी 25 जून को सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला जलाएगी जबकि 26 को राज्यपाल को ज्ञापन देने के अलावा 27 को जिला मुख्यालय में धरना देगी।ड्ढr ं

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