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बाढ़ से बचाव के लिए गांव वालों ने की पहल

बाढ़ इस गांव की पहचान है, लोग फिर भी लड़ते हैं। वे जानते हैं कि इस लड़ाई में उन्हें जीत नहीं मिलेगी। इसके बाद भी बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए जद्दोहद चलती रहती है। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के बेरुआडीह पंचायत के जोगनी जागा गांव की यही कहानी है। तीन तरफ नदी से घिर गांव में हर साल बाढ़ आती है और इससे निपटार के लिए अब तक कोई योजना नहीं बनी। विधायक से लेकर मुखिया तक के पास यहां के लोगों ने बाढ़ से बचाव के लिए गुहार लगायी। इनकी गुहार कहीं नहीं सुनी गयी।ड्ढr ड्ढr अंत में ग्रामवासियों ने एक कमेटी बनाकर बांध को भरने का काम शुरू कराया। 2007 की भीषण बाढ़ ने इस गांव को बुरी तरह से अपनी चपेट में लिया था। लगभग दो माह तक गांव के लोगों को लगभग तीन किलोमीटर आगे ऊंचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी थी। बाढ़ की विभीषिका ने बरसाती नदी कुदाने के बांध को लगभग दर्जन भर स्थानों पर तोड़ दिया। उस समय गांव का निरीक्षण करने आए विधायक बिलट पासवान ने गांववासियों को भरोसा दिलाया कि बांध को ठीक कराने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। लगभग साल भर गुजर जाने के बाद भी जब इस बांध को ठीक कराने की कोई सरकारी कोशिश शुरू नहीं हुई तो सोमवार को गांववालों ने एक बैठक बुलायी। इसमें जमकर विधायक व सरकार विरोधी नार लगे और गांववालों ने तय किया कि हमलोग बारिश शुरू होते ही बाढ़ की चपेट में नहीं आएंगे। इसके लिए अपनी कोशिश पर बांध का निर्माण शुरू किया गया। इस संबंध में ग्रामवासी हेमंत कुमार सिंह, सुरेंद्र ठाकुर, रामकेवल ठाकुर, हरिश्चंद्र ठाकुर, रामविवेक ठाकुर, अमित पासवान, नरश महतो, लाला राम आदि ने बताया कि अब हम गांव में आने वाले नेताओं व मुखिया का विरोध करंगे।

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