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उन जादुई पलों की याद दिलाती शाम

एक शताब्दी से भी अधिक समय से हर साल लॉर्डस के लांग रूम में आईसीसी की वार्षिक कांफ्रेंस होती आ रही है। इस कांफ्रेंस में कई मीटिंग होती हैं, इनमें से एक होती है चीफ एक्ाीक्यूटिवों की मीटिंग। पिछले साल इसी समय चीफ एक्ाीक्यूटिवों की मीटिंग के बाद मैं आयोजन स्थल, जो लांग रूम के साथ ही है, से जा रहा था तो शाम के चैरिटी डिनर के लिए टेबल प्लान पर मेरी नजर पड़ी।ड्ढr पूरी सूची पढ़ने के बाद मैंने पाया कि कुछ मशहूर नाम हैं जो डिनर में शामिल होंगे। मैंने तारीख चेक की तो पाया कि यह तो उसी समय है जब भारत ने 24 साल पहले विश्व कप जीता था। इससे मुझे लगा कि उस शानदार जीत की सिल्वर जुबली उस जगह के लांग रूम में डिनर के साथ मनाने का मजा ही अलग होगा जहां हम चैंपियन बने थे। मैं चाहता था कि उस टीम का फिर से मिलन हो जिसने दुनिया को चौंकाते हुए भारतीय क्रिकेट को देखे जाने वाले नजरिए को ही बदल कर रख दिया था।जब मैंने इस बार में विजय माल्या को बताया तो उन्होंने कहा, यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक महान दिन था और वह इस बात को सुनिश्चित करंगे कि उनकी कंपनी इसे ढंग से मनाएगी। इस आश्वासन के बाद कुछ करने के लिए रह ही नहीं गया था। बस वहां जाना और एंजॉय करना था। बुधवार की रात टीम यही करने जा रही है। यह एक यादगार शाम होगी, यह हमें पुरानी यादों पर ले जाएगी और हम उन क्षणों को फिर से जी सकेंगे जिन्होंने हमारी जिंदगी को बदल कर रख दिया था। देश के खेल प्रेमियों ने जो प्यार हमें दिया था हमार लिये वो अद्भुत पुरस्कार था। कोई भी धनराशि लोगों का प्यार नहीं खरीद सकती। जब लोग मैचों को याद करते हैं तो उनके चेहरों पर जो मुस्कुराहट होती है उसकी कोई कीमत नहीं हो सकती। इस बात पर हम नतमस्तक हो जाते हैं कि जो लोग हमें जानते भी नहीं वे हमार लिए प्रार्थना कर रहे थे।ड्ढr आज भी, जब कभी हाईलाइट्स दिखाई जाती हैं तो दिमाग उस गेंद के बार में घूम जाता है जिसपर बलविंदर संधू ने गॉर्डन ग्रीनिज को बोल्ड किया था और जो कैच कपिल देव ने विवियन रिचर्डस को आउट करने के लिए लपका था। रिचर्डस उस समय मैच को जल्दी से खत्म करते दिखाई दे रहे थे। जिमी अमरनाथ की स्विंग जिसने जफ डुाों और मैल्कम मार्शल को आउट करने के बाद माइकल होल्डिंग को एलबीडब्ल्यू किया था।ड्ढr होल्डिंग के पैड से टकराने के बाद जब गेंद निकली तो मैं लेग बाई बचाने के लिए उसकी तरफ दौड़ा था। तभी डिकी बर्ड ने उंगली उठा दी, मैंने अपनी जिंदगी की सबसे तेज स्प्रिंट ड्रेसिंग रूम की तरफ लगाई। तब मेरी जेब में रखी गेंद आज सबसे कीमती क्रिकेट वस्तु के रूप में मेर पासा है। हमने जब ग्रीन पिच पर बल्लेबाजी की थी तो गेंद मुश्किल से बैट पर आ रही थी।ड्ढr मुझे याद है कि लेग बाई का एक रन लेते हुए जब मैं उस जोएल गार्नर की तरफ बढ़ा था जिनके साथ 10 में समरसेट के लिए काउंटी क्रिकेट खेलते हुए मैंने फ्लैट शेयर किया था, से मैंने कहा - क्या अपने फ्लैटमेट के लिए हॉफवॉली फेंकने का इरादा है? मुस्कुराहट के साथ जवाब मिला - नो मैन, यह विश्व कप का फाइनल है। जिमी ने वो हिम्मत और ताकत दिखाई जो वह पूर वर्ष दिखाते रहे थे।

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  • Web Title: उन जादुई पलों की याद दिलाती शाम