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आरबीआई ने सीआरआर और रेपो रट में इजाफा किया

रिार्व बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार को मुद्रा स्फीति की रफ्तार पर काबू पाने के लिए रेपो रट और सीआरआर ( नकद सुरक्षित अनुपात) में 50 बेसिक पाइंट की वृद्धि कर दी है। रिार्व बैंक के इस कदम का सीधा असर यह होगा कि अब बैंकों से होम लोन से लेकर पर्सनल लोन प्राप्त करने के लिए अधिक ब्याज देना होगा। अब तय माना जाना चाहिए कि बैंक अपने लोन को महंगा करने में विलंब नहीं करंगे। रिार्व बैंक ने रेपो रट को आठ से बढ़ाकर साढ़े आठ प्रतिशत कर दिया है। रपो रेट की नई दरें तुरंत लागू मानी जाएंगी। रपो रेट में पिछली 11 जून को ही 0.25 फीसदी का इजाफा किया गया था। जहां तक सीआरआर की बात है तो इसे 8.75 प्रतिशत कर दिया गया है। जानकार मान रहे हैं कि उक्त फैसले के चलते देश के होम लोन को ब्याज के साथ लौटा रहे और वे जो अपने घर को खरीदने के लिए होम लोन लेना चाह रहे हैं, उनकी अब दिक्कतें बढ़ जाएंगी। बैंक अब अपने होम लोन को महंगा कर देंगे। सूत्रों का कहना है कि पिछली 7 जून को मुद्रा स्फीति की दर के 13 साल के रिकार्ड को तोड़ने के बाद रिार्व बैंक के पास इस कदम को उठाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था। बीते कई दिनों से माना जा रहा था कि मुद्रास्फीति के बोझ से दबी जा रही सरकार को राहत देने के इरादे से रिार्व बैंक इस तरह का कोई कदम उठाएगा।ड्ढr महत्वपूर्ण है कि रेपो रट वह होता है जिस दर पर रिार्व बैंक से बैंक लोन लेते हैं। उधर, सीआरआर की दर को बढ़ाने का अर्थ यह होगा कि अब बैंकों को अपने पास अधिक धन रखना होगा। इस बीच, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष पी.के. जन ने कहा कि रपो रेट और तथा सीआरआर में बढ़ोत्तरी के बाद बैंक अपने विभिन्न लोन महंगे कर देंगे।

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  • Web Title: सीआरआर और रेपो रट में इजाफा