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डील या नो डील, फाइनल आज!

विवादास्पद 123 समझौते और हाइड एक्ट पर कांग्रेस व वाम समन्वय समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक में होने वाले विचार-विमर्श का खाका खींचने के लिए बैठक से कई घंटे पहले बुधवार को सुबह कांग्रेस और वाम दलों के बीच बातचीत का व्यस्त दौर चला। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव प्रकाश करात ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के आवास पर जाकर उनसे करीब 45 मिनट तक बातचीत की। बाद में कांग्रेस नेता और रक्षा मंत्री एके एंटनी भी मुखर्जी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। मुखर्जी और एंटनी ने परमाणु करार को लेकर वाम दलों के रुख से कांग्रेस तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अवगत कराया। परमाणु करार को लेकर कांग्रेस कोर कमेटी का मानना है कि अमेरिका के साथ यह परमाणु ऊर्जा समझौता देशहित में है और पार्टी इसे लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रुख के पक्ष में है। इस बीच भारत केन्द्रित सुरक्षा उपायों के लिए संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी एजेंसी (आईएईए) को करार प्रारूप सौंपने का सरकार का प्रस्ताव राजनीतिक गतिरोध की बड़ी वजह बन गया है। गौरतलब है कि सरकार के इस प्रस्ताव से नाराज वामदलों ने करार के रास्ते पर आगे बढ़ने की स्थिति में सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दे दी थी। परमाणु करार का समर्थन कर रहे केन्द्र की गठबंधन सरकार के कुछ अन्य घटक दल भी सरकार से इस मुद्दे पर फूंकफूंक कर कदम रखने को कह रहे हैं। क्योंकि उनका मानना है कि इस समय देश में चुनाव कराना संप्रग के लिए घातक साबित हो सकता है। बहरहाल यह आशा व्यक्त की जा रही है कि कांग्रेस और वामदलों की होने वाली बैठक में परमाणु करार मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध कुछ हद तक दूर हो सकता है क्योंकि दोनों ही पक्ष देश में लोकसभा के चुनाव जल्द होने के सम्भावित नतीजों से वाकिफ हैं।

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