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केंद्र की स्पेशल टीम करगी नरगा की जांच

झारखंड में नरगा में गड़बड़ियों की जांच स्पेशल टीम से करायी जायेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने हाारीबाग के भाकपा सांसद भुवनेश्वर मेहता को जांच के लिए आश्वस्त किया है। बुधवार को दिल्ली में मेहता केंद्रीय मंत्री से मिले और नरगा में मची लूट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तत्काल इसकी जांच कराने की मांग की। सांसद ने पहले भी केंद्रीय मंत्री को नरगा का कच्चा- चिट्ठा सौंपा था । दिल्ली से मेहता ने बताया है कि केंद्रीय मंत्री झारखंड में नरगा को लेकर गंभीर हैं। मेहता के मुताबिक मंत्री ने जांच के लिए आश्वस्त किया है। हाारीबाग, रामगढ़ और जामताड़ा जिले में जांच के दौरान स्पेशल टीम के साथ एमपी भी रहेंगे।ड्ढr केंद्रीय मंत्री को बताया गया है कि राज्य में नरगा की गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या हो रही है। उन्हें कई तरीके से परशान किया जा रहा है। ललित मेहता हत्याकांड और कुंडहित में कम्युनिस्ट नेता कन्हाई माल पहाड़िया को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर देने की घटना का भी जिक्र किया। मेहता ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य के किसी भी जिले में नरगा को ईमानदारी तथा पारदर्शिता से जमीन पर उतारने का प्रयास नहीं किया गया है। भारी कमीशनखोरी हो रही है।ड्ढr झारखंड में अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज के नेतृत्व में पलामू, कोडरमा, गिरिडीह जिले में नरगा की जांच तथा जनसुनवाई के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। नरगा को लेकर पूर देश में सबसे ज्यादा लूट झारखंड में ही है। सांसद ने हाारीबाग, रामगढ़ जिले में नरगा की दुर्गति पर केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी है। इसमें यह भी बताया है कि प्रखंडों में 20-25 प्रतिशत तथा नोडल एजेंसियों द्वारा 30-35 प्रतिशत कमीशनखोरी हो रही है। मेहता ने नरगा की हालत पर पीएम को भी पत्र दिया है।अराजपत्रित कर्मचारियों पर पुलिस ने बरसायीं लाठियांहिन्दुस्तान ब्यूरो रांची प्रदर्शनकारी अराजपत्रित कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठियां बरसायीं। वे एसीपी की मांग को लेकर 25 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रहे थे। घटना में आधा दर्जन कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुए।ड्ढr लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी हॉटलिप्स चौक के निकट बीच सड़क पर बैठ गये। इससे मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गयी। बाद में मुख्यमंत्री आवास से सूचना भेजी गयी कि शाम सात बजे वार्ता होगी। इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि वार्ता सफल नहीं होने पर 26 जून को भी मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर राज्य अवर वन सेवा संघ, राजस्व कर्मचारी संघ, पंचायत सेवक संघ और जनसेवक संघ के कार्यकर्ता दोपहर 12.30 बजे तीन दिशा से सीएम आवास का घेराव करने पहुंचे। उग्र कर्मचारियों का समूह मुख्यमंत्री आवास के मुख्यद्वार के काफी निकट पहुंच गया। तब वहां पुलिस पहुंची और उन्हें खदेड़ना शुरू किया। इसके पहले धक्का-मुक्की भी हुई। जब कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें एसीपी का लाभ दे दिया गया था, जिसे बाद में वित्त विभाग ने यह कहते हुए वापस ले लिया कि सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। इससे एक लाख से भी अधिक कर्मचारी एसीपी लाभ से वंचित हो गये हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व अशोक कुमार सिंह, अजब लाल सिंह, इजहारूल हक, लालदेव मिश्र, भरत प्रसाद सिन्हा, कामेश्वर प्रसाद, सदानंद प्रसाद, रामरूप, रामाश्रय सिंह, गोपाल प्रसाद सिंह और अन्य शामिल थे।

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