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झारखंड आंदोलनकारियों को मिले पहचान-सम्मान

पूर्व गृह मंत्री और आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो आंदोलनकारियों के मुद्दे पर मुखर हुए हैं। शहीदों और आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान और पुनर्वास के लिए उन्होंने सुझाव भी दिये हैं। बताया है कि उनके मंत्रित्वकाल में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी को कार्यशील बनाने के लिए आजसू पार्टी ने सीएम को पत्र सौंपा था। सौंपे गये सुझाव पत्र में एक प्रोफार्मा भी सलंग्न किया है। इसमें नाम -पता के साथ आंदोलन से जुड़े संगठनों के बार में जानकारी हासिल करने की जरूरत बतायी है।ड्ढr आंदोलनकारियों को दी जाने वाली प्रस्तावित सुविधाओं के तहत 31, पहचान के लिए अन्य आधार पर तीन बिदुंओं पर सुझाव भी दिये गये हैं। कार्ययोजना के बार में भी कंसेप्ट बताया है। विभिन्न समझौते - बोड़ो, मिजोरम, गोरखालैंड, नागालैंड, सिक्िकम समझौता, दस्यु प्रभावित राज्यों द्वारा बनायी गयी पुनर्वास नीतियों का प्रारूप गृह मंत्रालय से मंगाकर अध्ययन करने पर जोर दिया गया है।ड्ढr पहचान के लिए दुर्लभ दस्तावेज, फोटो, पोस्टर, अखबार के लेखों को संकलित करने और अग्रिम पंक्ित के आंदोलनकारियों से संवाद बनाने के साथ गृह मंत्रालय, राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता को केंद्र में रखने को कहा है। सुविधाओं में पांच हाार मासिक पेंशन देने, सरकारी बस, रल में यात्रा के लिए मुफ्त कूपन, आवास बोर्ड की कॉलोनियों में आवास देने, कमजोर आíथक स्थितिवालों के लिए गैर मजरुआ जमीन की बंदोबस्ती करने, कृषि के लिए दो एकड़ जमीन देने और शहरी क्षेत्र के आंदोलनकारियों के लिए स्वरोगार की योजनाएं तय करने की ओर ध्यान खींचा है।ड्ढr आंदोलनकारियों के लिए राशन कार्ड की व्यवस्था करने के साथ ही साथ 20 सूत्री और 15 सूत्री कमेटियों में 50 प्रतिशत जगह देने, विकास और कल्याण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अनुदान के आधार पर विशेष योजना का लाभ दिलाने का सुझाव भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अलावा बड़े दायर में आंदोलनकारियों और उनके परिानों के आíथक, सामाजिक तथा शैक्षणिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मामले भी उन्होंने उठाये हैं।

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  • Web Title: झारखंड आंदोलनकारियों को मिले पहचान-सम्मान