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आइआइएम टॉपर बेच रहा सब्जी!

पटना। शहर-गांव के बीच बढ़ रही विकास की खाई को पाटने के लिए आइआइएम अहमदाबाद के छात्र कौशलेंद्र ने लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर एक अनोखी शुरुआत की है। वह बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों को राजधानी पटना से सीधे जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।ड्ढr कौशलेंद्र की इस पहल से जहां एक ओर सब्जी उत्पादक बिचौलियों से मुक्त होकर सीधे राजधानी के बाजारों से जुड़ेंगे और उन्हें उनके उत्पाद की उचित कीमत मिलेगी वहीं दूसरी ओर राजधानीवासियों को ताजी हरी सब्जियां आसानी से मिल सकेंगी। इस अभियान के तहत कौशलेंद्र ने कंकड़बाग कालोनी में ठेला लगाकर सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया है। इस ठेले की खासियत यह है कि यह ठेला पूरी तरह से वातानुकूलित है जिससे सब्जियां खराब नहीं होती हैं। कौशलेंद्र का कहना है कि अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों की माली हालत बेहद खराब है। पूर साल मेहनत करने के बावजूद उसे मुश्किल से दो वक्त का भोजन मिल पाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत दिलाना समय की माँग है और इसके लिए उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने की जरूरत है। कौशलेंद्र ने कहा कि पहले चरण में उनकी राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 50 वातानुकूलित ठेले लगाने की योजना है। इसमें सफलता के बाद इसकी संख्या में और इजाफा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से लोगों को बाजार भाव से कम कीमत पर सब्जियां बेची जायेंगी। शुरू में ठेलों पर सब्जियों के अलावा जविक सब्जियां भी मिलेगीं होंगी लेकिन भविष्य में इन पर केवल जविक सब्जियां बेचने की योजना पर विचार हो रहा है। इसके लिए किसानों को जविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जविक खेती से उत्पादन लागत में कमी आयेगी जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।

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