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आर्थिकचच वृद्धि कचची संभावना उज्चवल

ेन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने अप्रैल 2008 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ डी आई), आयात-निर्यात और औद्योगिक वृद्धि के आंकडे जारी करते हुए कहा कि तमाम झंझावातों के बीच देश की आर्थिक वृद्धि की गाड़ी आगे बढ़ती रहेगी। अप्रैल 2008 में एफडीआई की आवक पिछले वर्ष इसी माह की तुलना में 127 प्रतिशत बढ़कर 3.74 अरब डॉलर रही, जबकि निर्यात 31.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से 14.4 अरब डॉलर के बराबर रहा। अप्रैल 2007 में एफडीआई 1.64 अरब डॉलर के बराबर था। श्री कमलनाथ ने कहा कि चार वर्ष पूर्व जितना एफडीआई एक वर्ष में आ रहा था, उतना अब एक महीने में आ रहा है। उन्होंने कहा कि साल के आंकडे अब महीने के आंकडे बन गए हैं, जो इस बात का सबूत है कि विश्व में इस समय फैले निराशाजनक आर्थिक वातावरण से भारतीय अर्थव्यवस्था की सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। अप्रैल में 1.86 अरब डॉलर का एफडीआई विनिर्माण क्षेत्र में आया, जो इस बात का संकेत है कि भारत अब मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का गढ़ बन रहा है। अप्रैल में सेवा क्षेत्र, दूर संचार, आवास और भू-सम्पत्ति विकास, निर्माण कार्य, कंप्यूटर साफ्टवेयर व हार्डवेयर, आटो, बिजली, धातु उत्पादन तथा रसायन उद्योग में सबसे ज्यादा एफडीआई निवेश हुआ।ड्ढr अप्रैल में रायल बैंक आफ स्काटलैंड ने ही अकेले बंदरगाह क्षेत्र में 38.2 करोड़ डॉलर और बिजली क्षेत्र में 26 करोड़ डॉलर का निवेश किया। मारिशस 35 प्रतिशत हिस्से के साथ एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा। इसके बाद सिंगापुर, अमेरिका, साइप्रस और जर्मनी का स्थान है। वर्ष 2007-08 में 24.57 अरब डॉलर का एफडीआई आया था, जो इससे एक वर्ष पूर्व की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक रहा। वर्ष 2008-0में 35 अरब डॉलर एफडीआई का लक्ष्य है। इस वर्ष अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन में सात प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इसमें मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि 7.5 प्रतिशत रही। श्री कमलनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि चालू वित्तीय वर्ष में औद्योगिक वृद्धि 8 से प्रतिशत के बीच रहेगी, जो एक अच्छी खासी वृद्धि दर मानी जा सकती है। वर्ष 2004-08 के बीच औसत वार्षिक औद्योगिक वृद्धि प्रतिशत रही। अप्रैल में 14.4 अरब डॉलर के निर्यात के समक्ष आयात 24.3 अरब डॉलर रहा, जो एक वर्ष पूर्व की तुलना में 36.6 प्रतिशत अधिक है।ड्ढr

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