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सम्मान से हारा तुर्की, जर्मनी फाइनल में

फिलिप लैम के अंतिम मिनट में किए गए गोल की बदौलत जर्मनी ने बुधवार रात यहां खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में तुर्की को 3-2 से हरा कर यूरो कप 2008 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। हालांकि 7वें मिनट में जब जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज ने हैडर से गोल किया तो ऐसा लगने लगा कि जर्मनी 2-1 से जीत जाएगा। लेकिन पहली बार यूरो कप के सेमीफाइनल में पहुंचे तुर्की के खिलाड़ी इतनी जल्दी हार मानने वाले नहीं थे। 86वें मिनट में सिमीह सेन्तुर्क ने गोल कर टीम को 2-2 की बराबरी पर पहुंचा दिया।इस समय ऐसा लगने लगा कि खेल अतिरिक्त समय में जाएगा। लेकिन तभी 0वें मिनट में जर्मनी के खिलाड़ियों ने तुर्की की रक्षापंक्ित की सुस्ती का फायदा उठाते हुए एक शानदार मूव बनाया और लैम ने अपनी बाईं तरफ से तुर्की के गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया और जर्मनी को 3-2 से जीत दिला दी। इस जीत से गदगद नजर आ रहे जर्मनी के कोच जोएकिम लोएव ने कहा कि यह जबर्दस्त मुकाबला था, आखिरी सेकंड तक खिलाड़ियों के चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा था। लेकिन इस जीत ने मुझे बाग बाग कर दिया है।’ उधर, तुर्की के कोच फतेह तरिम ने कहा, ‘मैं जर्मनी को उनकी जीत के लिए बधाई देता हूं तथा फाइनल के लिए शुभकामना। हालांकि इस हार के वावजूद मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। मेरी उम्मीदों से बढ़कर।’ड्ढr उन्होंने कहा कि हमें टूर्नामेंट से बाहर होने का दुख नहीं है बल्कि हम खुशी खुशी विदा हो रहें हैं। हम कह सकते हैं कि हम मुकाबले में बराबर बने रहे। हार जीत तो खेल का हिस्सा है। तुर्की ने 22वें मिनट में ही उगर बोराल के गोल से बढ़त बना ली। यह खुशी ज्यादा देर तक टिकी नहीं रह सकी। जर्मनी के बास्तियन श्वेनस्टिगर ने 26वें मिनट में एक शानदार गोल कर टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। पहले हाफ तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थी।

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