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संत जेवियर्स कॉलेज में बवाल

रांची यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष श्याम बाबू सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने 26 जून को संत जेवियर्स कॉलेज में हंगामेदार प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि कॉलेज प्रबंधन एडमिशन में धांधली कर रहा है। योग्य छात्रों को एडमिशन से वंचित कर पहुंच, पैरवी और पैसेवालों का एडमिशन कम माक्र्स पर किया जा रहा है।ड्ढr प्रदर्शन के क्रम में कॉलेज के शिक्षकों के साथ छात्र नेताओं की बक-झक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति से निबटने के लिए कॉलेज प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।ड्ढr छात्र नेता श्याम बाबू, आजसू के राकेश किरण, एनएसयूआइ के शहबाज खान व संजय कुमार, एबीवीपी के प्रणव पाठक के नेतृत्व में दर्जनों छात्र संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य से मिलने पहुंचे। इसी बीच कॉमर्स के एक शिक्षक के साथ छात्रों की बकझक हुई। इसके बाद छात्र नेता उग्र हो गये। तब तक कॉलेज हॉस्टल के कुछ छात्र भी वहां पहुंच गये। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस को इसकी सूचना दी गयी। तब छात्र वहीं धरने पर बैठ गये। प्राचार्य ने सूचना भेजी कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वह मिलेंगे। छात्रों ने वार्ता के एजेंडे के साथ पांच नेताओं का नाम प्राचार्य को भेजा। परंतु इंतजार के बाद भी जब प्राचार्य से मुलाकात नहीं हुई, तब छात्रों ने आरटीआइ के तहत एडमिशन संबंधी सूचना मांगने का निर्णय लिया। इधर विभिन्न छात्र संगठन बैठक कर आगे की रणनीति तय करने में जुटे हैं।ड्ढr छात्र नेताओं ने कहा है कि वे इस लड़ाई को सड़क पर ले जायेंगे और कॉलेज बंद करा देंगे। कॉलेज में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जायेगी। छात्र नेताओं ने कहा कि हर कॉलेज-स्कूल में यह अभियान चलाया जायेगा। नेता बन कर नहीं आयें : फादर टेटेड्ढr संवाददाता रांची संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य फादर डॉ निकोलस टेटे ने कहा कि कुछ छात्र नेतागीरी की धौंस दिखा कर उनसे मिलना चाह रहे हैं। एसे लोगों से वह क्यों मिलें। छात्रों को यदि कुछ जानना-पूछना है, तो आम आदमी की तरह आयें, नेता बन कर नहीं। तब उन्हें जो भी जानकारी चाहिए मिलेगी। हर साल इस तरह के कुछ लोग आते हैं। वैसे भी संत जेवियर्स ऑटोनॉमस कॉलेज है। यहां किसी बाहरी व्यक्ित द्वारा हंगामा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नामांकन में गड़बड़ी की शिकायत गलत है। सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।ड्ढr मुख्य सूचना आयुक्त को आवेदनड्ढr रांची। छात्रों का आरोप है कि आरटीआइ के तहत दिया गया आवेदन कॉलेज के सूचना अधिकारी ने स्वीकार नहीं किया। छात्र मुख्य सूचना आयुक्त के पास पहुंचे। उन्होंने छात्रों का आवेदन लेते हुए कहा कि वह इसे कॉलेज तक भेज देंगे और एक माह के अंदर उन्हें वांछित जानकारी मिल जायेगी।ड्ढr झूठ बोल रहे हैं : डॉ शरणड्ढr संत जेवियर्स कॉलेज के जन सूचना अधिकारी डॉ वीपी शरण ने कहा कि छात्र झूठ बोल रहे हैं। छात्र नेता जब उनके पास आरटीआइ के तहत आवेदन देने आये थे, तो उन्होंने उन्हें दस रुपये का शुल्क बैंक में जमा करने को कहा था। उन्होंने कहा कि बैंक पैसा नहीं ले रहा है। फिर उन्होंने छात्रों को कहा कि वे प्राचार्य के एकाउंट में पैसा जमा करं, लेकिन छात्र दोबारा उनके पास नहीं आये।

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  • Web Title: संत जेवियर्स कॉलेज में बवाल