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तैयार हो रहा जेल में बंद आतंकियों का प्रोफाइल

पिछले साल 27 फरवरी को पेशी से भागे आतंकवादी मसूद व सईद को भगाने में मदद करने में पाँच लोगों की भूमिका थी। इनके कुछ मोबाइल नम्बर भी पता चले हैं, लेकिन ये सिर्फ तीन दिन ही इस्तेमाल हुए थे। यही नहीं, प्रदेश की ोलों में बंद 73 संदिग्ध आतंकियों का संपर्क भी उनके संगठनों के लोगों से बना हुआ है। इनकी मदद के लिए कई पाक नागरिक यूपी में छिपे हुए हैं। लश्कर-ए-तैयबा व हूाी सेोुड़े कई लोग पेशी पर या ोल में इन संदिग्ध आतंकियों के सम्पर्क में रहते हैं। यहोानकारी मिलने पर एंटी टेररिस्ट सेल (एटीएस) ने पहले चरण में ोल में बंद संदिग्ध आतंकियों का प्रोफाइल तैयार करना शुरू कर दिया है।ड्ढr प्रोफाइल में आतंकियों की पैरवी करने वाले लोग, इनसे मुलाकात करने वालों के अलावा उनसे हुई पूछताछ का ब्योरा र्दा कियाोा रहा है। ोल में आतंकियों से मुलाकात करने के नियम बेहद सख्त है। पर, ोल अथवा पेशी पर ये लोग संपर्क कर ही लेते हैं। 23 अक्तूबर 07 को ोल गेट से कुछ दूरी पर ढेर हुए पाक नागरिक नूरबख्श उर्फ नूरा से मिली डायरी से खुलासा हुआ था कि वह करीबियों से संपर्क साधे हुए था।ोम्मू में पकड़े गए आतंकवादियों के यूपी की ोलों में बंद आतंकियों के सम्पर्क में होने की बात पता चली थी। इसके बाद एटीएस ने प्रोफाइल बनाना शुरू किया था। इसमें पेशी से फरार मसूद व सईद का विस्तृत ब्योरा र्दा है। एटीएस के आईाी एके ौन मानते हैं कि ब्योराोुटाने के दौरान ही सिमी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हुमायूँ के वांटेड होने का पता चला था।ड्ढr हुमायूँ से मिली हैं कईोानकारियाँ:पेा 14

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