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तटबंध दुरुस्त नहीं, मंडराया बाढ़ का खतरा

विभिन्न तटबंधों के जर्जर व संवेदनशील स्थलों की अभी मरम्मत भी नहीं हो सकी कि फिर बाढ़ का समय आ गया। बूढ़ी गंडक व गंगा नदी के तटबंधों के किनार बसी आबादी की नींद गत वर्ष बसही में तटबंध टूटने के बाद मची तबाही को याद कर उड़ गई है। तटबंध के संवेदनशील स्थलों की मरम्मत का काम काफी देर से शुरू हुआ इसके कारण 15 जून गुजर जाने के बाद भी नदी के दोनों तटबंधों के अति संवेदनशील स्थलों यथा बिदुलिया, आकोपुर, मिर्जापुर में तटबंध को मजबूत करने का काम पूरा नहीं हो सका है। हालांकि बसही में टूटे तटबंध की मरम्मत का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और बिदुलिया व आकोपुर में काम प्रगति पर है जबकि धरमपुर में तो काम शुरू भी नहीं हुआ। जिलाधिकारी संजीव हंस ने बताया कि धरमपुर व मेहदाशाहपुर में नरगा से तटबंध को मजबूत बनाया जाएगा।ड्ढr ड्ढr आकोपुर में नदी के बाएं तटबंध पर चिह्न्ति दोनों अतिसंवेदनशील स्थल से लगभग 150 मीटर दक्षिण इसी तटबंध की हालत जर्जर है। ग्रामीणों का कहना है कि आकोपुर के निकट नदी की धार सीधी बाएं तटबंध से टकराती है और यहां से नदी का प्रवाह उत्तर से दक्षिण हो गया है। ऐसी स्थिति में जब नदी लबालब भरी होगी उस समय उक्त स्थल पर तटबंध के टूटने का खतरा बना रहेगा।ड्ढr ड्ढr इसी तरह मेहदाशाहपुर व धरमपुर के निकट नदी के इसी तटबंध को ग्रामीणों ने जान पर खेलकर गतवर्ष बचाया था पर उक्त स्थल पर अबतक एक चुटकी भी मिट्टी नहीं डाली गई है, मजबूतीकरण की बात तो दूर है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा के एक्ाीक्यूटिव इांीनियर अरुण कुमार बताते हैं कि मेहदाशाहपुर, आकोपुर, फफौत, राजेन्द्र आश्रम, धरमपुर व दांए तटबंध के संजात व भुसवर के निकट तटबंध मरम्मत का आदेश मई के दूसर सप्ताह में मिला। इसके कारण कई स्थलों पर काम शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों को चिह्न्ति कर बालू भरी बोरी का जरूरत के अनुसार स्टॉक किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षात्मक कार्य किया जा सके। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल बेगूसराय के अधीन पड़ने वाले तटबंधों की भी यही हालत है। हालांकि एक्ाीक्यूटीव इांीनियर नवल किशोर सिंह बताते हैं कि बांए तटबंध पर कमलपुर व टेकनपुरा और दांए तटबंध पर कटरमाला व मेंहा में निरोधात्मक कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावे पसराहा, स्वाहागी घाट व वनद्वार के निकट बालू भरी बोरी का स्टॉक बचाव कार्य के लिए किया जाएगा।

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