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बिजली व्यवस्था ध्वस्त हुई

एनएमसीएच के उपचार व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है बिजली व्यवस्था। आईसीयू समेत कई वार्डो की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए जीर्णोद्धार के नाम पर एक वर्ष पूर्व लगभग डेढ़ करोड़ रुपया खर्च किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2005-06-07 में पीडब्ल्यूडी के बिजली शाखा को अस्पताल के बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ की राशि स्थानांतरित की गई थी जिसमें परिसर स्थित नर्सेस क्वाटर भी शामिल है। परन्तु विभाग द्वारा किया गया कार्य दो माह भी ठीक नहीं चल पाया। अस्पताल की बिजली व्यवस्था पहले से भी बदतर हो गई है।ड्ढr ड्ढr अस्पताल का प्रमुख विभाग आईसीयू में विगत एक सप्ताह से केबुल फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। वर्डो में लगे स्वीच बोर्ड एवं पंखे प्राय: जल गए हैं। बिजली के अभाव में ऑपरशन कार्य भी बाधित होते रहे हैं। मरीजों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को इसके अभाव में काफी परशानी के साथ रहना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन भी ठेकेदार द्वारा किए कार्यो से परशान हैं। अधीक्षक डा. एम.पी. यादव ने बताया कि विभाग को शर्तो के मुताबिक तीन साल तक मैनटेनेंस का कार्य करना है। परन्तु न तो विभाग ही कोई सक्रियता दिखा रहा है। ठेकेदार का भी कोई पता नहीं है। स्वास्थ्य सचिव सहित जिलाधिकारी व संबंधित पदाधिकारी को इसकी सूचना दी गई है। जानकारों के अनुसार घटिया स्तर का मेटेरियल के उपयोग करने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। विश्व नशा विमुक्ित पर कार्यक्रमड्ढr पटना सिटी (हि.प्र.)। नशा करने वालों को एचआईवी एड्स का भी खतरा रहता है। यह बातें डा. डी.एन. पांडेय ने सिस्टर निवेदिता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा नून ने चौराहा में आयोजित विश्व नशा विमुक्ित दिवस पर आयोजित शिविर में कही। इस अवसर पर जानकारों ने नशा करने से स्वास्थ्य व्यक्ितयों में होने वाले विभिन्न दुष्प्रभावों पर चर्चा कर उपस्थित लोगों को जागरूक बनाने का प्रयास किया। शिविर की अध्यक्षता वार्ड पार्षद धीरन्द्र कुमार वर्मा ने की। कार्यक्रम को अशोक कुमार, मनोज कुमार, सदानंद गांधी तथा विजय कुमार त्यागी ने सफल बनाया।ं

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