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देवयानी-नौकरानी का अनुबंध अमेरिकी अदालत में पेश

देवयानी-नौकरानी का अनुबंध अमेरिकी अदालत में पेश

भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े और उनकी नौकरानी संगीता रिचर्ड के बीच किए गए रोजगार संबंधी दो अनुबंधों को शनिवार को अमरिकी वकीलों ने अदालत में जमा करवाया। ये अनुबंध इस बात के सबूत के तौर पर जमा करवाए गए हैं कि भारतीय राजनयिक ने अमेरिकी प्रशासन के सामने कथित रूप से झूठे बयान दिए थे।

ग्रैंड ज्यूरी द्वारा 39 वर्षीय खोबरागड़े पर वीजा धोखाधड़ी और झूठे बयान देने के आरोप में अभियोग लगाए जाने पर अमेरिकी शीर्ष वकील प्रीत भरारा ने मैनहेटन की संघीय अदालत में सात दस्तावेज जमा करवाए।

इनमें से एक दस्तावेज खोबरागड़े और उनकी नौकरानी के बीच 11 नवंबर 2012 को हुआ वह रोजगार अनुबंध है, जिसे अमेरिकी दूतावास में उस समय जमा करवाया गया था, जब संगीता वीजा के लिए साक्षात्कार देने गई थी।

खोबरागड़े और रिचर्ड के बीच हुआ यह अनुबंध कहता है कि अमेरिका में रोजगार की अवधि के दौरान रिचर्ड को प्रति घंटा 9.75 डॉलर दिए जाएंगे, जो कि अमेरिका में कानूनन प्रचलित या न्यूनतम आय (जो भी ज्यादा हो) के अनुरूप है। इसमें कहा गया कि वह एक सप्ताह में 40 घंटे काम करेगी और उसे रविवार को छुट्टी दी जाएगी।

इसमें यह भी कहा गया है कि रिचर्ड को वेतन दो सप्ताह में एक बार उसके खाते में इलेक्ट्रॉनिक फंड स्थानांतरण के जरिए दिया जाएगा। इसमें साथ ही कहा गया कि कर्मचारी के बैंक खाते तक न तो खोबरागड़े और न ही रिचर्ड के परिवार के सदस्यों की पहुंच होगी।

भरारा द्वारा जमा कराए गए एक अन्य दस्तावेज भारतीय गैर-न्यायिक ई-स्टैंप है। यह 21 नवंबर 2012 को खोबरागड़े और रिचर्ड के बीच हुए एक अलग रोजगार अनुबंध को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि रिचर्ड को प्रतिमाह 25 हजार रुपए का स्वीकृत वेतन दिया जाएगा और अतिरिक्त समय तक (रविवार, अतिरिक्त घंटे और पार्टियों में) काम करने पर 5 हजार रुपए अलग से दिए जाएंगे।

इसमें यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त भत्ते को मिलाकर भी प्रतिमाह का अधिकतम वेतन 30 हजार रुपए से ज्यादा का नहीं होगा।

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