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ओबीसीकी भर्ती पर सीलिंग खत्म

सरकार ने गुरुवार को फैसला किया कि अन्य पिछडे वर्गों के लिए आरक्षित खाली पदों को सर्वथा अलग एवं विशिष्ट वर्ग के रुप में माना जाएगा तथा उन पर 50 प्रतिशत सीलिंग की बंदिश लागू नहीं होगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले के साथ ही इन पदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसके अलावा सरकार ने नियंत्रण मुक्त फास्फेटिक एवं पोटाश उर्वरकों की नई रियायती योजना को भी मंजूरी दे दी।ड्ढr ड्ढr कैबिनेट ने मलेरिया, कालाजार, टीबी और फाइलेरिया जैसे रोगों के इलाज के लिए नई दवाओं के विकास में देश के दवा उद्योग को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। सरकार भारी उद्योग विभाग के दस रुग्ण तथा घाटे पर चल रहे दस सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के भुगतान के लिए 48.52 करोड़ रुपए की बजट सहायता उपलब्ध कराएगी।प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि मंत्रिमंडल के फैसले से उच्चतम न्यायालय का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा जिसके तहत ओबीसी के खाली पद भरने के मामले में 50 प्रतिशत सीलिंग की व्यवस्था की गई थी। सरकार के इस फैसले से ओबीसी के 1से अब तक रिक्त पड़े 23000 पदों को विशेष अभियान चला कर भरा जा सकेगा। बताया गया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विशेष भर्ती अभियान के तहत अब तक 53444 पद भरे जा चुके हैं जो इस वर्ग में कुल रिक्त पदों का 87 प्रतिशत है। संप्रग सरकार के इस नए फैसले से 23000 से ज्यादा पिछड़े वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे। फास्फेटिक और पोटाश उर्वरक की नई रियायती योजना की मंजूरी से जहां एक तरफ उर्वरक के घरेलू उत्पादन को बढावा मिलेगा वहीं दूसरी तरफ सरकार का सब्सिडी बोझ भी 1164 करोड़ रुपए तक कम होगा।ड्ढr ड्ढr प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में उर्वरक विभाग के रियायती योजना मसौदे को मंजूरी दे दी गई। इसमें घरेलू उर्वरकों को भी रियायत के मामले में आयातित उर्वरकों के समान माना जाएगा। नई योजना में सरकार ने डीएपी, एमओपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीएपी का साढ़े तीन लाख और एमओपी का एक लाख टन बफर स्टाक रखने का भी फैसला किया है। सरकार ने विदेशी तेल क्षेत्रों में परिसंपत्तियों के अधिग्रहण को प्रोत्साहित करते हुए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लि. के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड को ब्राजील तथा त्रिनिदाद एवं टोबेगो में 43.70 करोड़ डालर, 1750 करोड़ रुपए, निवेश की अनुमति दी है। मलेरिया, कालाजार , टीबी और फाइलेरिया जैसे रोगों के इलाज के लिए नई दवाओं के विकास में देश के दवा उद्योग को आर्थिक मदद देने का फैसला के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के औषध अनुसंधान कार्यक्रम के माध्यम से नई दवाओं के विकास और उनकी क्िलनिक जांच से संबंधित अनुसंधान और विकास के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग 1से औषध अनुसंधान कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम के तहत दवा उद्योग को 2004-05 से तीन प्रतिशत की रियायती दर पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुसंधान परियोजना के कुल खर्च की 70 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जाती है जिसका तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से दस वर्ष में भुगतान करना होता है। चालू योजना में दवा उद्योग को सहायता उपलब्ध कराने के लिए 45 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। जरुरत पड़ने पर इस राशि को और बढ़ाया भी जा सकता है।

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  • Web Title: ओबीसीकी भर्ती पर सीलिंग खत्म