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आप सरकार के पहले जनता दरबार में अफरातफरी

आप सरकार के पहले जनता दरबार में अफरातफरी

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से दिल्ली सचिवालय के सामने लगाए गए बहुप्रतीक्षित पहले जनता दरबार में शनिवार को अफरातफरी और अव्यवस्था देखी गई, जिसके कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीच में ही वहां से निकलना पड़ा।

अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराने आए सैकड़ों लोगों के बीच एक-दूसरे से आगे होने की जैसे होड़ मची थी। अव्यवस्था की वजह से बैठक बीच में ही छोड़ कर चले गए मुख्यमंत्री केजरीवाल दोबारा वहां आए और सचिवालय की छत पर खड़े होकर भीड़ से कहा कि आप लोग वापस जाएं। हमें व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कुछ समय दीजिये। हम आपकी सभी शिकायतों का समाधान करेंगे। अगली बार हम बेहतर इंतजाम करेंगे।

एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि अफरातफरी की वजह से बैठक रद्द नहीं की गई, क्योंकि इसका समय सुबह 9 बजे से 11 बज कर 30 मिनट तक था। दिल्ली सचिवालय के बाहर जनता से मुलाकात के दौरान जब भीड़ बेकाबू हो गई, तो पुलिस कर्मी मुख्यमंत्री को उनके कार्यालय ले गए।

केजरीवाल ने कहा कि हमें इंतजाम और दुरुस्त करने होंगे। अगर मैं वहां से नहीं हटता तो भगदड़ मच सकती थी। हर कोई मुझसे मिलना चाहता था। हमें व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न आए। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए इन्द्रप्रस्थ एक्सटेंशन में हुई बैठक में दिल्ली सरकार का पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था।

केजरीवाल ने आम लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याएं हल करने की अपनी नीति के तहत जनता दरबार का आयोजन किया था। लोगों से लिखित शिकायतें लेते देखे गए दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा कि यह अच्छा अनुभव था और यह कवायद जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं परेशान नहीं हूं। यह अच्छा अनुभव था और ऐसे प्रयोग होते रहने चाहिए।

भारती ने यह भी कहा कि यह बात उन्हें मिलीं कई शिकायतों से साफ होती है। जनता दरबार में आए कई लोगों ने कहा कि वह निराश हैं, लेकिन उनकी उम्मीद नहीं टूटी है। लक्ष्मी नगर निवासी रमेश गर्ग ने कहा कि मैं यहां मुख्यमंत्री को पानी के अत्यधिक बिल के बारे में बताने आया था, लेकिन अपना मामला पेश ही नहीं कर पाया। निश्चित रूप से मैं निराश हूं।

पूर्वी दिल्ली के मंडावली से आयी सुनीता कपूर साढ़े नौ बजे होने वाली मुलाकात के लिए सुबह में छह बजे ही सचिवालय पहुंच गयीं। उन्होंने केजरीवाल से भेंट की और अपने फ्लैट के अवैध कब्जे के बारे में शिकायत की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे आश्वासन मिला कि मुझे इस मामले में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात करने वाले फरियादियों को उनकी शिकायत के बारे में एक पर्ची भी दी गयी। भीड़ में मुख्य रूप से स्थायी करने तथा अन्य मांगों के साथ डीटीसी, बिजली कंपनी बीएसईएस, विभिन्न सरकारी अस्पतालों, नगर निगमों समेत अन्य सरकारी विभागों में अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी भी थे।

सचिवालय के बाहर सड़क के किनारे तथा आसपास की सड़कों पर पुलिस ने अवरोधक लगा रखे थे। दो दिन पहले ही केजरीवाल ने घोषणा की थी कि उनका पूरा मंत्रिमंडल लोगों की समस्याओं के हल के लिए सचिवालय के बाहर बैठेगा।

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