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चुनावी रंजिश में मौत के घाट उतारा गया था दीपक

मुरादाबाद वरिष्ठ संवाददाता। छात्र नेता दीपक चौधरी की हत्या चुनावी रंजशि में हुई थी। शुक्रवार को पुलिस ने केजीके कॉलेज के छात्र मोहित चौधरी समेत तीन युवकों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। दो हत्यारोपी अभी फरार हैं।

पकड़े गए हत्यारोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, आधा दर्जन जिंदा कारतूस व हत्या में प्रयुक्त इनोवा कार बरामद हो गई। पुलिस फरार हत्यारोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबशि दे रही है। खुलासा एसएसपी आशुतोष कुमार ने शुक्रवार शाम पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।

उन्होंने गिरफ्तार हत्यारोपियों के नाम मोहित चौधरी पुत्र विजयपाल सिंह निवासी रजबपुर अमरोहा, हाल निवासी केजीके कालेज क्लर्क रोहिताश सिंह के यहां, रोहित चौधरी पुत्र रामप्रकाश निवासी धर्मपुर कलां थाना बिलारी, हाल निवासी स्वार रामपुर व पवन पुत्र सत्यपाल मौर्य निवासी हसनपुर थाना स्वार जिला रामपुर बताए।

कहा कि मोहित चौधरी केजीके कालेज से छात्र संघ अध्यक्ष पद का प्रत्याशी था। चुनाव में मोहित और दीपक के बीच ही सीधी टक्कर होनी थी। इसी के चलते दोनों के बीच टकराव था। एसएसपी ने बताया कि करीब ढाई माह पूर्व मोहित ने रोहित चौधरी की इनोवा कार को प्रचार के लिए किराए पर लिया था।

इसी दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ गईं। रोहित और पवन मौसेरे भाई हैं। मोहित ने रोहित और पवन के अलावा शविम उर्फ मजनू निवासी सुल्तानपुर पट्टी व संजय ठाकुर को घटना को अंजाम देने के लिए बुलाया।

इनसे मोहित की मुलाकात छात्र संघ अध्यक्ष के प्रचार के दौरान हुई थी। कांशीराम नगर स्थित मोहित चौधरी ने अपने कार्यालय पर दीपक की हत्या की योजना बनाई। दो जनवरी की रात आशियाना कालोनी में दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी। उस वक्त दीपक नीटू चौहान के यहां से घर जा रहा था।

पहली गोली मोहित तथा दूसरी रोहित ने दीपक को मारी थी। संजय ठाकुर इनोवा कार को स्टार्ट किए आरआरके स्कूल के पास खड़ा था। घटना को अंजाम देने के एक घंटे बाद सभी ने आपस में एक बार बातचीत की और अलग-अलग स्थानों के लिए फरार हो गए।

एसएसपी ने बताया कि फरार संजय व शविम की तलाश में पुलिस की टीमें दबशि दे रही हैं। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा।

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