DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

धोखाधड़ी मामले में बैंक मैनेजर की जमानत खारिज

बरेली। विधि संवाददाता। बगैर जांच के दूसरी चेक बुक जारी करना पीएनबी के प्रभारी मैनेजर को बड़ा महंगा पड़ गया। अदालत ने पीएमबी के 26 लाख के चर्चित फ्राड में प्रभारी मैनेजर को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुये उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। पीएनबी की शुगर केन ब्रांच में एसी व्यापारी संदीप खंडेलवाल का खाता था। एक गैंग ने उनके खाते की दूसरी चेक बुक बैंक से जारी कराकर बीते वर्ष 26 और 27 अगस्त को दो बार में 26 लाख की रकम धोखाधड़ी कर निकाल ली थी।

व्यापारी संदीप खंडेलवाल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कर उत्तराखंड से जालसाज नरेंद्र गंगवार और धीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान वारदात के दिन प्रभारी बैंक मैनेजर रहे चमन शर्मा को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा था।

प्रभारी जिला जज अशोक कुमार सिंह की कोर्ट में प्रभारी मैनेजर चमन शर्मा की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बहस के दौरान डीजीसी क्राइम फिरासत उल्ला खां ने दलील दी कि मैनेजर ने बिना जांच पड़ताल किये व्यापारी की दूसरी चेक बुक गैंग के सदस्य को जारी कर गंभीर अपराध किया है।

इस चर्चित मामले में मैनेजर की साजिशकर्ता की भूमिका उजागर होती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मैनेजर द्वारा व्यापारी की दूसरी चेक बुक जारी करना गंभीर अपराध माना। अदालत ने प्रभारी बैंक मैनेजर चमन शर्मा की जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:धोखाधड़ी मामले में बैंक मैनेजर की जमानत खारिज