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नक्सल पीड़ित परिवारों को योजना का लाभ मिले

रांची। मुख्य संवाददाता। नक्सली घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र और राज्य सरकार की योजना का लाभ हर हाल में और एक निश्चित समय के भीतर मिलना चाहिए। दोनों योजनाओं के तहत मुआवजा का भुगतान भी समय पर होना चाहिए।

झारखंड हाइकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को यह निर्देश दिया। चीफ जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत ने सरकार को इस तरह के लंबित मामलों का निपटारा छह माह से एक साल के अंदर करने का निर्देश दिया।

नए दावों का निपटारा छह माह के अंदर हर हाल में करने का निर्देश सरकार को दिया गया। अदालत ने यह जनहित याचिका निष्पादित करते हुए इस आदेश की प्रति गृह सचवि, डीजीपी, सभी जिलों के डीसी और एसपी को भेजने का निर्देश दिया है। डीसी और एसपी को फैसले की कॉपी अनुमंडल, प्रखंड और थानों तक पहुंचाने को कहा गया है।

क्या है मामलाः गोपीनाथ घोष ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि नक्सली घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों की सहायता के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार ने योजना बनाई है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ परिजनों को नहीं मिल रहा है। मुआवजा के लिए लोगों को सालों सरकारी कार्यालयों को चक्कार लगाना पड़ रहा है।

योजना के तहत पीड़ितों को मुआवाजा देने का भी प्रावधान है, लेकिन समय पर इसका भुगतान नहीं किया जा रहा है।

1100 लोगों की जा चुकी है जान: झारखंड गठन के बाद से नक्सली हिंसा में अब तक 1100 लोगों की जान चुकी है।

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