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सर, मेरी मां चिंता से मर जाएगी, हमे निकलवाइये

कार्यालय संवाददाता भागलपुर। सर, मेरी मां चिंता से मर जाएगी। प्लीज इस कालकोठरी से निकालिए। हमारा कैरियर खराब हो रहा है। मैं इस मामले में बिल्कुल निर्दोष हूं। पुलिस को कहता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आंखों में आंसू और चेहरे पर खौफ लिए जेल भेजे गए छात्र उस वक्त फफक कर रोने लगे जब सांसद शाहनवाज हुसैन उनसे मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे।

शुक्रवार को जेल अधीक्षक से अनुमति लेकर सांसद छात्रों से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने बताया कि बच्चों की स्थिति देखकर वह खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान अखबार में बच्चों के परिवारों की स्थिति के बारे में पढ़कर खुद को बच्चों से मिलने से रोक नहीं पाए।

जब जेल अधीक्षक के चेंबर में उन तमाम छात्रों को बुलाकर मिला तो बच्चों बिल्कुल सहमे हुए थे। उनकी स्थिति देखकर यही लगा कि हत्या के मामले में आरोपित लोग इन दिनों सरकारी मेहमान बने हुए हैं और महज किसी मुद्दे पर आंदोलन करने के मामले में कई निर्दोष छात्रों को पुलिस ने जेल में बंद कर रखा है।

प्रशासनिक अत्याचार का इससे बुरा चेहरा नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि जितने बच्चों जेल के अंदर हैं उनमें से एक ने अपनी उम्र 14 साल बतायी। जेलर को कहकर उस बच्चों को मन लगाने के लिए तत्काल एक कैरमबोर्ड उपलब्ध कराने को कहा। एसएसपी और डीएम को फोन कर बच्चों को निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने बच्चों से कहा कि उन्हें कुछ नहीं होगा । सांसद ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।

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