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26वें दिन भी एंबुलेंस सेवा ठप, कर्मचारियों ने किया भिक्षाटन

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिले के एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। हड़ताली कर्मचारियों ने एंबुलेंस की मोबाइल सेवा भी ठप कर दी है। वेतन, पीएफ नंबर और बीमा सुविधा की मांग को लेकर एंबुलेंस सेवा के 72 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को सदर अस्पताल के सामने कर्मचारियों ने भिक्षाटन किया। इसमें एजेंसी डा. जैन वीडियो ऑन व्हील्स से वेतन भुगतान सहित विभिन्न मांगों की भीख मांगी।

जबकि विभाग की ओर से एजेंसी के संचालक को पत्र लिखा गया है। यूनियन के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि हमलोग अब काम करने में असमर्थ हैं। इससे पहले हुई वार्ता में 31 दसिंबर तक वेतन देने की बात की गई थी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। सितंबर से वेतन बंद है। कर्मियों ने बताया कि पीएफ और इंश्योरेंस के नाम पर पैसे काटे जा रहे हैं, लेकिन वह कहां जा रहा है, कंपनी नहीं बता रही है। पीएफ नंबर भी नहीं दिया गया है।

बिहार में 102 एंबुलेंस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी जैन वीडियो ऑन व्हील्स के अधिकारी वेतन देने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। रीजनल मैनेजर आरबी खान, प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेद्र सिंह के साथ आंदोलन कर रहे कर्मियों की बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आपातकालीन सेवा कामगार यूनियन के बैनर तले एंबुलेंस कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। वहीं एंबुलेंस मोबाइल सेवा रोक दिए जाने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। इस सेवा के रहने से कंट्रोल से मरीजों की जानकारी मिल जाती थी ।

लेकिन बंद होने से लोगों को जानकारी नहीं मिल पा रही है। योगदान करने के 20 महीने के बाद भी एंबुलेंस कर्मियों को पीएफ नंबर नहीं दिया गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक डा. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि शुक्रवार को एजेंसी के जिम्मेदार पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया है कि जब अक्टूबर तक के बिल का भुगतान कर दिया गया है तो यहां पर यह सेवा क्यों बंद की गई है। उन्होंने कहा कि आगे का भी बिल देने पर विभाग की ओर से भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन एंबुलेंस सेवा बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

102 एंबुलेंस सेवा 26 दिनों से बंद है, जबकि 108 की सेवा सप्ताहभर से प्रभावित है। कहीं यह पैथोलॉजी बंद होने का संकेत तो नहींभागलपुर। सदर अस्पताल सहित जिलेभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में पिछले दस दिनों से पैथोलॉजी जांच की सेवा बंद है। अब तक विभाग की ओर से मुख्यालय को चार बार पत्र लिखा जा चुका है। वहां से मार्गदर्शन के साथ आवंटन भी मांगा गया है। लेकिन अब तक कोई भी यह बताने में सक्षम नहीं है कि आखिर कब तक जांच शुरू होगी।

जांच एजेंसी डोयन के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर हैं। उनलोगों की मांग है कि पिछले आठ माह का मानदेय भुगतान नहीं होने तक काम नहीं करेंगे। वहीं डोयन के संचालक ने बताया कि जब तक 23 लाख के बिल का भुगतान नहीं होगा, कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान नहीं हो पाएगा। एजेंसी एवं विभाग के खेल में मरीज पिस रहे हैं। हैरत की बात यह है कि आठ माह से विभाग मुख्यालय से मार्गदर्शन ही मांग रहा है। जानकार बताते हैं कि इसी तरह से तीन चार माह पहले एक्स-रे बंद हुआ था।

अब पैथोलॉजी की बारी है। पिछले साल भी लंबे समय तक भुगतान नहीं किया गया था, काफी आंदोलन के बाद कुछ राशि का भुगतान हुआ था।

इसके बाद जांच शुरू की गई थी। लेकिन अप्रैल से लेकर अब तक भुगतान नहीं होने से आशंका है कि कहीं पैथोलॉजी जांच भी स्थाई रूप से बंद न हो जाए। वहीं जांच बंद होने से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। नि:शुल्क की जगह बाहर से पांच-छह सौ रुपए खर्च कर जांच करवाने पड़ रहे हैं।

इस बाबत क्षेत्रीय उपनिदेशक डा. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि अब सोमवार को ही इस दिशा में कुछ हो सकेगा। सिविल सर्जन डा. उदयशंकर चौधरी ने बताया कि आवंटन मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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