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सांसद व उनकी पत्नी पर एफआईआर का आदेश

भागलपुर, वरीय संवाददाता। जमुई से जदयू सांसद भूदेव चौधरी जमीन मामले में चारों तरफ से घिरते जा रहे हैं। परमानंद शर्मा द्वारा दायर नालिसी मुकदमा में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरसी मालवीय ने सांसद, उनकी पत्नी, डीसीएलआर, जगदीशपुर सीओ, सीआई सहित अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश मोजाहिदपुर के थानाध्यक्ष को दिया है।

वहीं डीम प्रेम सिंह मीणा ने जमीन खरीद के मामले में सांसद की पत्नी इन्द्राणी चौधरी के विरुद्ध सुनवाई शुरू कर दी। सात जनवरी को मोजाहिदपुर थाने के काजीचक निवासी परमानंद शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में सांसद भूदेव चौधरी, इन्द्राणी चौधरी, डीसीएलआर सुबीर रंजन, जगदीशपुर सीओ नवीन भूषण, जगदीशपुर के अंचल निरीक्षक संजीव कुमार, भोला मंडल और 80 अज्ञात पुलिसकर्मी और असामाजिक तत्वों को आरोपित बनाया था। कागजात के अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने कहा है कि आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान होना न्यायसंगत प्रतीत होता है।

मोजाहिदपुर थानाध्यक्ष को नालिसी मुकदमा के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करते हुए कोर्ट में अंतिम प्रपत्र समर्पित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा है कि नालिसी मुकदमा में दिया गया अपराध गंभीर और संज्ञेय है। सभी के खिलाफ डकैती और धोखाधड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगाये गये हैं। केस में परमानंद ने कहा है कि उसका नविास स्थान काजीचक के पन्ना मिल रोड में है। वह संपत्ति उसे नाना स्व. साधो मिस्त्री और नानी स्व. दया देवी से विरासत में मिली है।

28 दिसंबर को अंचल कार्यालय जगदीशपुर से एक आदेश तामिल कराया गया, जिस पर जगदीशपुर सीओ नवीन भूषण का हस्ताक्षर था। नोटिस मिलने पर जानकारी मिली कि डीसीएलआर के कोर्ट से सात दसिंबर को उनके नविास और संपत्ति का सीमांकन कर दखल दिलाने का आदेश पारित हुआ है।

परमानंद ने इस संबंध में डीसीएलआर, सीओ और सीआई से संपर्क कर एक जनवरी तक आदेश स्थगन करने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप लगाया गया है कि 29 दसिंबर को सांसद भूदेव चौधरी रिवॉल्वर लेकर भोला मंडल और 15-20 अज्ञात लोगों के साथ फाटक तोड़कर घर में घुस गये और परमानंद के साथ मारपीट करने लगे।

तभी सीआई संजीव कुमार पुलिस बल के साथ आए। बचाने की जगह वे लोग भी मारपीट करने लगे। सांसद के कहने पर पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की और घर से निकाल दिया।

घर से जेवरात, पैसा आदि निकाल कर ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। परमानंद ने कहा है कि 29 दिसम्बर की रात सांसद ने बुलडोजर चलाकर मकान को ध्वस्त कर दिया और विरोध करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी।

आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने 20 लाख रुपए के मकान और दो लाख की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। केस में एक करोड़ रुपए की जमीन हड़प लेने की बात कही गई है। आरोप लगाया गया है कि मकान का दखल कब्जा दिलाने व लेने के लिए सारे आरोपितों ने अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग किया है।

सांसद की पत्नी पर भी आरोप लगाया गया है। डीएम कोर्ट में सुनवाई शुरूजमीन की खरीद में मकान की जगह परती जमीन दिखाकर एक लाख 33 हजार रुपए स्टाम्प और नबिंधन शुल्क की चोरी के मामले में शुक्रवार को डीएम प्रेम सिंह मीणा के सुनवाई शुरू कर दी।

इस दौरान सांसद भूदेव चौधरी की पत्नी इन्द्राणी देवी की तरफ से अधविक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए। इन्द्राणी देवी द्वारा भेजा गया जमीन का मूल दस्तावेज डीएम कोर्ट में पहुंच चुका है। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

तारा देवी से खरीदी गई जमीन को परती दिखाकर रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आने पर डीएम ने तीन अधिकारियों की टीम को जांच का आदेश दिया था। टीम ने पाया कि जिस जमीन को परती दिखायी गयी थी उसमें मकान बना हुआ था।

रिपोर्ट में कहा गया था कि जमीन खरीदने के समय राजस्व की चोरी की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने वाद दर्ज कर मूल दस्तावेज मांगा था।

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