DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनजान राहों पर

ऑफिस में जरा सी चकल्लस होती है और उनका दम फूलने लगता है। बॉस उन्हें नई जिम्मेदारी देना चाहते हैं। एक नई जगह भेजना चाहते हैं और वह बुरी तरह डर गए हैं। ‘हमें अनजान राहों से प्यार करना चाहिए। उससे डरने की कोई जरूरत नहीं है।’ यह मानना है डॉ. फ्रेडरिक न्यूमैन का। वह अमेरिका के ऐन्जाइटी ऐंड फोबिया सेंटर के डायरेक्टर हैं। उनकी बेहद चर्चित किताब है, फाइटिंग फियर: ऐन एट वीक गाइड टू ट्रीटिंग योर ओन फोबिया। कामयाबी अजीब सी चीज है। हमें लगता है कि कहीं टिके रहने में ही हमारी कामयाबी है। वह एक मायने में नाकामयाबी भी हो सकती है। कभी हमें लगता है कि उखाड़ा जा रहा है। या साजिश के तहत कहीं भेजा जा रहा है। लेकिन उसी में हमारी कामयाबी छिपी हो सकती है। दरअसल, हर नई चीज हमारे लिए अनजानी होती है। अनजानी चीजों से थोड़ा डर तो लगता ही है। हम जानते नहीं कि वह कैसी होगी? उसका क्या असर होगा? हमारे लिए बेहतर होगी या नहीं? अनजानी राहों के साथ भी ऐसा ही होता है।

हम जिस रास्ते को जानते नहीं, उससे गुजरना नहीं चाहते। हम उसे लेकर शंकित होते हैं। यही हमारे मन में डर भी जगाती है। लेकिन हमें अगर कायदे की जिंदगी जीनी है, तो नई राहों पर चलना ही होगा। नई राहों को तलाशे बगैर हम जिंदगी में आगे नहीं बढ़ सकते। एक मायने में नई राहों पर चल पड़ना ही तो आगे बढ़ना होता है। यही वजह है कि हमें नई राहों से डरना नहीं चाहिए। उन पर चल कर एक बार देख तो जरूर लेना चाहिए। हम धीमे-धीमे कदम रखते हुए ही उस राह पर चलें, लेकिन चलना जरूर चाहिए। हो सकता है कि उन राहों पर ही कोई बड़ी कामयाबी हमारा इंतजार कर रही हो। थोड़ा जोखिम लेना तो जरूरी होता है न। कुछ कदम चल कर तो देखिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अनजान राहों पर