DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अधिग्रहीत भूमि पर नहर की खुदाई का विरोध

उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के मुहमदाबाद तहसील के दहेन्दु गांव के किसान करीब 25 साल पहले अधिग्रहीत की गयी भूमि पर नहर खुदाई का विरोध कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार दहेन्दु गांव में सिंचाई के लिए 1987 में अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा सरकार ने किसानों को दे दिया था लेकिन बाद में जब विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उक्त प्रस्तावित जमीन को नहर के अनकूल न पाकर मुआवजा वापस लेकर किसानो को जमीन वापस कर दिया था। 

उन्होंने बताया कि 11 साल पहले दो सितम्बर 2002 को मुख्यराजस्व अधिकारी को पत्र लिखकर किसानों को जमीन वापस करने को लिखा था जिसके बाद किसानों ने राहत पाई थी लेकिन इधर एक सप्ताह पहले इनके  गांव में बगैर किसानों को सूचना दिये लहलहाते खेतो में जेसीबी चलाकर नहर खोदना आरम्भ कर दिया। 

नहर खुदाई की जानकारी के बाद किसान आन्दोलन कर रहे हैं। इनकी मांग है कि जब 1984 में उक्त मामले पर विभाग ने नहर न बनाने की बात कह कर प्रकरण का निस्तारण कर दिया था तो उसके बाद आखिर किसके  आदेश पर खुदाई की जा रही है। नहर की खुदाई के विरोध में वे आन्दोलन कर रहे हैं। 

आन्दोलन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश सिंह ने किसानों को बताया कि एक बार शासनादेश हो जाने के बाद जमीन विभाग की हो जाती है जिस पर वह जब चाहे अपना काम आरम्भ कर सकती है। उन्होंने बताया की यह नहर बिरनो माइनर से लेकर वीरभानपुर तक जिसकी लम्बाई 5.6 किमी है जो पूर्व में 1.6 किमी. खोदी जा चुकी है। बाकी का काम 1987 से अवशेष है और उसे पूरा कराया जा रहा है। किसानों को जो उस समय मुआवजा दिया गया था वह उचित नहीं था जिसे विभाग देख रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अधिग्रहीत भूमि पर नहर की खुदाई का विरोध