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प्रदर्शन सुधारने उतरेगी 'सरदार की सेना'

प्रदर्शन सुधारने उतरेगी 'सरदार की सेना'

दिग्गज मिडफील्डर सरदार सिंह की अगुवाई में भारतीय हॉकी टीम मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में शुरू हो रहे वर्ल्ड लीग फाइनल में शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी और टूर्नामेंट में उसका लक्ष्य यह साबित करना होगा कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
        
नए कोच टेरी वॉल्श के मार्गदर्शन में भारतीय टीम नए कलेवर और फ्लेवर के साथ मैदान में दो-दो हाथ करने को तैयार है। एस वी सुनील के आने से फॉरवर्ड लाइन में टीम की ताकत बढ़ी है और कई जूनियर खिलाड़ियों के आने से टीम में नई ताजगी भी महसूस की जा रही है।
      
टूर्नामेंट में भारत सहित दुनिया की आठ शीर्ष टीमें हिस्सा ले रही हैं। विश्व रैंकिंग में दसवें नंबर पर काबिज भारत को पूल-ए में ओलंपिक चैंपियन और विश्व नंबर एक जर्मनी, नंबर चार इंग्लैंड और नंबर सात न्यूजीलैंड को रखा गया है जबकि पूल-बी में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, हॉलैंड, बेल्जियम और अर्जेंटीना को जगह मिली है।
      
इस साल हॉलैंड में विश्वकप और फिर भारत में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है। इस वजह से सभी टीमों के लिए अहम टूर्नामेंटों के लिए यह अपनी ताकत तोलने का अच्छा मौका है। भारत अपने से कहीं ऊंचीं रैकिंग वाली इंग्लिश टीम के खिलाफ अपने टूर्नामेंट की शुरुआत करेगा और फिर उसे 11 जनवरी को न्यूजीलैंड से और 13 जनवरी को जर्मनी से खेलना है।
     
आठ बार की ओलंपिक चैंपियन टीम इंडिया 2013 में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी और एशिया कप में रजत पदक को छोड़कर उनसे कोई अहम उपलब्धि हासिल नहीं की। रोटरडम में हुए सेमीफाइनल में टीम इंडिया में छठे स्थान पर रही थी और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही थी। लेकिन मेजबान होने के नाते उसे फाइनल में खेलने का मौका मिल गया।  

इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम गत 28 दिसंबर से यहां तैयारियों में जुटी है लेकिन खुद सरदार मानते हैं कि यह टूर्नामेंट भारत के लिए आसान नहीं है और वह शीर्ष चार मे पहुंचने के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं। नवंबर में कोच बने वॉल्श के लिए यह टूर्नामेंट पहली बड़ी परीक्षा है।
      
कई अहम खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण भारत इस टूर्नामेंट में करीब-करीब नई टीम उतार रहा है। एस वी सुनील और युवराज वाल्मीकि की टीम में वापसी हुई है। सुनील को गत वर्ष अगस्त एशिया कप के दौरान कोहनी पर चोट लग गई थी। सुनील और वाल्मीकि के अलावा निकिन तिमैया, मनदीप सिंह और अफान यूसुफ अग्रिम पंकित में टीम की कमान संभालेंगे।
      
अफान और गोलकीपर हरजोत सिंह को पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया गया है। मुख्य गोलकीपर के तौर पर चयनकर्ताओं ने अनुभवी पी आर श्रीजेश पर भरोसा जताया है। सरदार, एस के उथप्पा, धरमवीर सिंह, मनप्रीत सिंह, चिंगलसाना सिंह और एम बी एयप्पा की मौजूदगी में भारत की मिडफील्ड चट्टानों सी मजबूत दिखती है।
       
बैकलाइन हमेशा से भारत की कमजोरी रही है और देखना होगा कि बीरेन्द्र लाकडा, रुपिन्दरपाल सिंह, वी आर रघुनाथ, कोठाजीत सिंह और अमित रोहिदास उम्मीदों पर खरा उतर पाते हैं या नहीं। हालांकि पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने पर ज्यादा जोर दिया गया है और टीम में तीन पेनल्टी विशेषज्ञ रघुनाथ, रुपिन्दर और रोहिदास को रखा गया है। 
     
भारत की कोशिश जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करने की होगी लेकिन इसके लिए उसे इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड की टीम ने हाल के सालों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार रैंकिंग में सीढियां चढ़ी हैं। लेकिन सरदार टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा देते हैं।
     
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य शीर्ष चार में पहुंचना है। टूर्नामेंट में दुनिया की शीर्ष टीमें हिस्सा ले रही हैं और निश्चित रूप से यह एक कठिन टूर्नामेंट है। लेकिन मुझे लगता है कि अपने दिन हम दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकते हैं। बस हमें बेसिक्स पर ध्यान देने और डिफेंस को मजबूत रखने की जरूरत है।
    
भारत को सोमवार को अभ्यास मैच में अपने से निचली रैंकिंग की अर्जेंटीना के हाथों पेनल्टी शूटआउट में 3-4 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। नियमित समय तक दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर थीं।
    
दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम स्ट्राइकर एश्ले जैकसन की वापसी सेमजबूत हुई है। इंग्लिश टीम वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में तीसरे स्थान पर रही थी और यूरो हॉकी नेशंस टूर्नामेंट में उसे चौथा स्थान मिला था।

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