DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विश्वविद्यालयों को जल्द मिलेंगे स्थायी कुलपति

कार्यालय संवाददाता पटना। राज्य के विश्वविद्यालयों में एक से डेढ़ माह के अंदर स्थायी कुलपतियों व प्रति कुलपतियों की बहाली हो जाएगी। इसके लिए पहली बार विश्वविद्यालय स्तर पर सर्च कमेटी बनायी गयी है।

कुलपति नियुक्ति में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। हालांकि कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि नियुक्ति में पैरवी हो रही है। ये बातें गुरुवार को पटना कॉलेज के 152वें स्थापना दिवस समारोह में शिक्षामंत्री पीके शाही ने कहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों के 50 फीसदी से अधिक पद रिक्त हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गयी है। बीपीएससी जल्द नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालेगी।

उम्मीद है नए एकेडमिक सत्र में शिक्षक बहाल हो जाएंगे। विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन में सुधार हुआ है। इस वजह से छह करोड़ रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कम से कम 22 विश्वविद्यालय होने चाहिए। पर अभी यह संख्या बहुत कम है।

मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी संख्या कम है। हालांकि कई मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। सरकार चाहती है कि छात्र अपनी इच्छा से दूसरे राज्यों में पढ़ने के लिए जाए, मजबूरी में नहीं।

राज्य सरकार 13 सौ प्लस टू स्कूल खोल रही है। 836 से ज्यादा स्कूलों में भवन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। नए वर्ष में नए स्कूल बन जाएंगे। समारोह में पीयू कुलपति डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने शिक्षा मंत्री के समक्ष विश्वविद्यालय में एक बड़ा कंवेंशन हॉल बनाने का प्रस्ताव रखा।

पटना कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रासबिहारी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज की पत्रिका और कैलेंडर का भी लोकार्पण किया गया। इसके पहले झंडोत्तोलन हुआ। एनएसएस के छात्रों ने कार्यक्रम पेश किया। कॉलेज के कई पूर्ववर्ती शिक्षकों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विश्वविद्यालयों को जल्द मिलेंगे स्थायी कुलपति