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बैंकों से गायब ‘मे आइ हेल्प यू’

हाथरस। उपभोक्ताओं को अधिकाधिक सुविधाएं देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक तो गंभीर है लेकिन बैंक इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। यहां तक कि बैंकों में आरबीआई के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसलिए किसी भी बैंक में ‘मे आइ हेल्प यू’ पटल दिखाई नहीं देता है। कई जगह तो ग्राहकों को जमा, आहरण फार्म भी उपलब्ध नहीं होते। ग्राहक सेवा को तत्पर आरबीआई ने बैंकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अफसरों को चेकिंग के निर्देश के साथ ग्राहकों के साथ गोष्ठी करने को कहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार हर बैंक शाखा में ग्राहकों की सेवा के लिए ‘क्या मैं आपकी साहयता कर सकता हूं’ लिखा पटल होना चाहिए। जिससे उपभोक्ता अपनी समस्याओं का हल पा सकें। शाखाओं और एटीएम में विकलांग उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष सुविधा की बात आरबीआई ने कही थी। बैंक में ग्राहक यदि चाहे तो वह चेक जमा कर उसकी रसीद बैंक कर्मी से ले सकता है। नकद जमा व आहरण समेत अन्य प्रकार क फार्म उपलब्ध होने चाहिए।

सबसे महत्वर्पूण हर शाखा में ग्राहक सेवा समिति बनाई जाए और हर माह इसकी बैक कर कार्यवृत्त रिकार्ड में दर्ज हो। हर माह की पन्द्रह तारीख को ग्राहक सेवा दिवस का आयोजन जरुरी बताया गया है। जो किसी भी बैंक में नहीं होता है और ग्राहक सेवा समिति का भी अभाव है। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यालयों के अधिकारी शाखा में जाकर ग्राहक सेवा का हाल देखे। अव्यवस्था होने पर उसे ठीक करवाएं। इन निर्देशों से इतर जिले की बैंक शाखाओं में ग्राहकों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

बैंकों की लापरवाही के कारण ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सहायता तो दूर की बात है कई जगह बैंक में कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं। अक्सर लोग भीड़भाड़ में शिकायत को तवज्जो नहीं देते। जिससे ग्राहक परेशान होते हैं। इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय सलाहकार बीडी वर्मा ने बताया कि बैंकों में यह पटल होना जरुरी हो और बैंक को हर माह ग्राहक सेवा दिवस का आयोजन भी करना चाहिए।

कम्प्यूटर सिस्टम की अधिकता और स्टाफ की कमी से यह सब दिखाई नहीं देता है।

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