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जाम में अचार

अच्छा य तीन टैंट रख ला। पचास-साठ दिन तक एक ही टैंट यूज कर लना, दूसरा टैंट उसक बाद निकालना। और इस बैग मं करीब पचास किला बिस्कुट हैं। स्टाव बांध दिया, दाल-चावल उस बैग मं हैं, बिस्कुटां स परशान हा जाआ, दाल चावल बनाकर खा लना। वैस सिरसा हरियाणा पंजाब की तरफ ता ट्रन राकन वाल लंगर चलात हैं। अच्छा खाना मिल जायगा, पर ज्यादा ना खाना। और दखा जाम किसी जंगल मं लग, ता जंगली कला, सब वगैरह ताड़ लना। पिछल हफ्त मिसज गुप्ता बता रही थीं कि सिरसा क पास जब रल का जाम लगा था, ता गुप्ताजी न स्टशन स उतर कर वहां की स्पशल चूड़ियां वगैरह खरीद ली थीं। दखा ट्राई करना कि जाम इस बार फिराजाबाद क पास लग। फिराजाबाद स तुम ूड़ियां ल लना-पत्नी न तमाम हिदायतां क साथ सामान थमाया। दरअसल मैं एक रल यात्रा पर निकल रहा था।ड्ढr रल की यात्रा इंडिया मं इन दिनां-अनजान डगर क पथिक हैं। हम, मंजिल हमका नहीं पता -टाइप हा गई है। धरन ही धरन मिल ता लं, जाम ही जाम सरआम, टाइप का सीन अब बहुत कामन हा गया, हर ट्रन रुट पर। अब जैस आपन रिजर्वशन कराया है मुंबई स दिल्ली का वाया बड़ौदा, सवाईमाधापुर। मुंबई स ट्रन चल, सुबह आंख खुल ता आपका पता चल सकता है कि कुट्टूपुरियम्मारिट्टालुरम् आ गया है। आप चकरायमान हैं- मुंबई स दिल्ली क रास्त मं तमिलनाडु कैस। टीटीई बतायगा-रूट डाइवर्ट हा लिया है। आरिजनल रास्त मं पटरियां पर जाम था। अब तमिलनाडु क बाद समुद्री पुल स हम श्रीलंका चलंग। वहां स स्टीमर मं बैठकर कलकत्ता स्टशन पर आयंग। वहां सुनत हैं कि अभी उतना तगड़ा जाम नहीं लगा है। यूं समझिय कि 24 दिसंबर क आसपास हम दिल्ली पहुंच लंग। नहीं ता न्यू ईयर ता आप दिल्ली मं मनायंग, इतना भरासा रखं। विकट सीन हा रहे हैं। पत्नियां परशान हैं। लौटकर पति कहत हैं कि सिरसा मं रल जाम क बाद चल लंगर मं जैसा अचार मिला था, वैसा तुम क्यां नहीं बनातीं। अगली बार सिरसा मं लंगर खात हुए मैं बनान वाल स रसिपी पूछूंगा, भईया बता द। वैस मैं जा रहा हूं चंडीगढ़ की तरफ की यात्रा पर, पर उम्मीद है कि जाम मं कहीं मसूरी नैनीताल न पहुंच लूं। हाय काश, जाम मं ऊंटी पहुंचूं और फिर छह महीन वहां स जाम खुल ही न। बहतरीन चाय की रसिपी की किताब लिखकर ही लौटूंगा।

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