DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

माधुरी के ठुमकों के बीच जमकर चलीं कुर्सियां

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पैतृक गांव सैपकई के महोत्सव में फिल्मी स्टार माधुरी दीक्षित के ठुमकों के बीच जमकर कुर्सियां चलीं है।

पंडाल में मौजूद युवा आगे जाना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो गुस्से में आकर उन्होंने कुर्सियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस को लाठियां भांज कर उन्हें रोकना पडा। कार्यक्रम में सलमान खान और माधुरी दीक्षित सहित कई कलाकार आए थे इसलिए भीड़ बाकी दिनों की तुलना में ज्यादा और बेकाबू थी। दो दिन पहले भी शो के दौरान कुर्सियां चलीं थीं। 

सपा मुखिया मुलायम सिंह के गांव सैफई में हर साल होने वाले 14दिनों के इस महोत्सव में तमाम फिल्मी हस्तियों का जमावडा लगा। बालीवुड के कलाकार छह चार्टर्ड विमानों से सैफई पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार इन चार्टर्ड प्लेन को दो लाख से 2.80 लाख रुपये प्रति घंटे के हिसाब से किराए पर लिया गया था। बालीवुड कलाकारों को सैफई लाने और ले जाने का इंतजाम तीन कारपोरेट घरानों के जिम्मे था। खेल की दुनिया के नामी हस्तियों को भी गांव में बुलाया गया। महोत्सव के आयोजन पर करोडों रुपए पानी की तरह बहाए गए।

माधुरी की नई फिल्म डेढ इश्किया की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई है। इससे पहले सैफ अली खान की फिल्म बुलेट राजा की शूटिंग भी सूबे में हुई थी। सरकार ने इन दोनों फिल्मों के निर्माताओं को एक करोड़ रुपये दिए हैं। डेढ़ इश्किया को सरकार ने टैक्स फ्री भी कर दिया।

इटावा जिला प्रशासन ने सैफई महोत्सव के अन्तिम दिन मीडियाकी कैमरे के साथ मौजूदगी पर रोक लगाई थी। इटावा के जिलाधिकारी ने इसके लिए आदेश जारी किए ताकि लोगों की नजरों से बचा जा सके। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा फिल्मी कलाकार नहीं चाहते कि उनके कार्यक्रम की रिकार्डिंग हो। सैफई का यह आयोजन मुलायम सिंह यादव अपने भतीजे की याद में 15 साल से करते आ रहे हैं। इस बार 26 दिसम्बर को शुरू हुआ यह महोत्सव कल रात खत्म हुआ। 

प्रदेश की पूरी सरकार सैफई में जुटी रही। कुछ मंत्री पांच देशों के दौरे पर निकल गए। इनमें आजम खां और राजा भैया जैसे आठ कैबिनेट मंत्री और उनके अलावा नौ विधायक भी शामिल हैं। सूची में तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर का भी नाम था लेकिन उन्होंने आखिरी वक्त में नाम वापस ले लिया। 

ये सब तब हो रहा है जब मुजफ्फरनगर दंगों की पीडा से राज्य अबतक उबर भी नहीं पाया है। दंगा पीडित लोग अभी भी कैंपों में रह रहे हैं और वहां सर्दी से अनेक बच्चे मर चुके हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:माधुरी के ठुमकों के बीच जमकर चलीं कुर्सियां