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करार पर कांग्रेस चुनाव को तैयार

यूपीए सरकार और इसका नेतृत्व करने वाली कांग्रेस परमाणु करार पर आगे बढ़ने और अपरिहार्य हो गया तो चुनाव का सामना करने के लिए भी तैयार है। लेकिन यूपीए के कुछ अन्य घटक दल सरकार और वाम दलों पर भी जिद छोड़कर बीच का रास्ता निकालने के लिए दबाव बनाने में लगे हैं। यूपीए सरकार के एक वरिष्ठ गैर कांग्रेसी मंत्री के अनुसार देश की ऊर्जा जरूरतों के मद्देनजर करार यकीनन राष्ट्र हित में है लेकिन सरकार ही नहीं रहेगी तो यह राष्ट्र हित सधेगा कैसे। उनके अनुसार दोनों पक्ष एक कदम पीछे हटें तो बात बन सकती है। यूपीए और वाम दलों के बीच ताजा गतिरोध को तोड़ने में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। वह अभी करार और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कांग्रेस तथा यूपीए के घटक दलों के नेताओं की राय जानने में लगी हैं। शनिवार को उन्होंने अपने महासचिवों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति सुझाने वाली एंटनी समिति की रिपोर्ट के साथ ही करार से जुड़े पहलुओं पर भी विचार होगा। इस बीच करार पर वाम दलों के साथ सरकार के मुख्य वार्ताकार विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उम्मीद जाहिर की है कि समय रहते कोई स्वीकारयोग्य समाधान निकल आएगा। कोई भी फैसला करने से पहले सरकार सहयोगियों एवं समर्थकों के विचारों पर भी गौर करेगी। दूसरी तरफ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख वीरप्पा मोइली ने गुवाहाटी में कहा है कि करार भी होगा और सरकार भी रहेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि करार के विरोध में वाम दलों के द्वारा सरकार गिराने से सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखने का उनका राजनीतिक एजेंडा पूरा नहीं होगा। कांग्रेस के प्रवक्ता डा. शकील अहमद ने कहा है कि सरकार किसी तरह के संकट में नहीं है और न ही उसके जाने की उल्टी गिनती शुरू हुई है। पूरी पार्टी और सरकार और यूपीए के घटक दल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ है। उन्होंने माकपा के इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया कि करार पर ताजा राजनीतिक संकट के लिए श्री सिंह जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस, इसकी अध्यक्ष श्रीमती गांधी और सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी घटक दल करार को देशहित में मानते हैं। करार का विरोध करने वाले वाम दलों को ही ताजा संकट के लिए जिम्मेदार करार देने के साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह किसी पर आरोप नहीं मढ़ना चाहते। कांग्रेस की कोशिश सबको साथ लेकर चलने की है। वामदलों को भी साथ रखने के पूरे प्रयास चल रहे हैं। उनके साथ अभी एक और बैठक होनी है। करार पर आगे बढ़ने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार वही करेगी जो देशहित में होगा। उनके अनुसार परमाणु करार महंगाई को कम करने में मददगार सिद्ध होगा। इस करार से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। बिजली का उत्पादन बढने से कच्चे तेल का आयात कम होगा जो महंगाई रोकने में सहायक होगा। इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर कि इस काम में तो वर्षों लगेंगे, कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को सिर्फ आज की नहीं बल्कि आगे की स्थिति पर भी ध्यान रखना होता है।

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  • Web Title: करार पर कांग्रेस चुनाव को तैयार