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मायावती को लुभाने की भाजपाई कोशिशें शुरू

परमाणु करार पर वाम दलों से दूर जाने और समाजवादी पार्टी से नजदीकी बढ़ाने की कांग्रेसी कोशिशों की खबरों के बीच शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने यहां उ.प्र. की मुख्यमंत्री मायावती की ओर चारा फेंका है। उप्र के साथ ोदभाव करने के आरोप पर केंद्र की संप्रग सरकार से समर्थन वापस ले चुकी मायावती को संबोधित कर भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र में आई तो वह किसी भी राय के साथ ोदभाव नहीं करेगी। शुक्रवार को यहां आयोजित भाजपा की एक सभा में आडवाणी ने कहा, ‘कानपुर की जनता के माध्यम से मैं उत्तर प्रदेश को आश्वस्त करता हूं कि अगर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनी तो हमारी सरकार किसी भी राय सरकार के साथ किसी किस्म का भेदभाव नहीं करेगी। खास तौर पर गंगा-यमुना के राय के साथ तो कतई नहीं।’ उन्होंने कहा कि 18 करोड़ की आबादी वाले यूपी को केंद्र ने सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि उप्र पिछड़ता है तो भारत के तीव्र और संतुलित विकास की उम्मीद संभव नहीं। आडवाणी ने साफ किया कि भाजपा आगामी लोस चुनाव गुजरात माडल पर ही लड़ेगी। एटमी डील पर मचे बवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी करार पर एक दूसरे को सरकार गिराने की धमकी देते रहते हैं। लेकिन आतंकवाद जसे सवाल पर उनकी निगाहें नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि वामपंथी सरकार से समर्थन वापस लेते हैं तो हम अल्पमत सरकार नहीं चलने देंगे।

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